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Bengal Election: सोनारपुर: बंगाल में विधानसभा चुनावों का माहौल बन चुका है. राज्य में सत्तारूढ पार्टी तृणमूल में टिकट को लेकर सबसे अधिक मंथन चल रहा है. इस बार पार्टी कई विधायकों को चुनावी मैदान से बाहर करने पर विचार कर रही है. कई विधायकों की सीट बदली जा सकती है. नये चेहरे को भी इस बार बड़ी संख्या में मौका दिये जाने की बात कही जा रही है. हालांकि, अभी तक चुनाव तिथि की घोषणा नहीं हुई है. उम्मीदवारों के नामों का एलान भी नहीं हुआ है, लेकिन टिकट को लेकर जंग शुरू हो गई है.
कट सकते हैं कई विधायकों के टिकट
तृणमूल कांग्रेस के विधायकों में टिकट को लेकर संशय देखने को मिल रहा है. उनके समर्थक उनकी दावेदारी का दावा कर रहे हैं. विधानसभा क्षेत्र में उनकी उम्मीदवारी को लेकर दीवाल लेखन चल रहा है. ऐसा ही एक मामला सोनारपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर सामने आया है. यहां की विधायक लवली मैत्रा के समर्थकों ने दीवाल पर उनकी दावेदारी को लेकर दावा कर दिया है. उनका नाम उम्मीदवार के तौर पर लिखा जा रहा है. राजपुर सोनारपुर नगरपालिका के वार्ड नंबर 11 में घटी। उत्साही कार्यकर्ताओं ने तृणमूल विधायक अरुंधति मैत्रा का नाम दीवार पर लिखना शुरू कर दिया.
दीवारों पर डाला गया चूना
दीवारों पर उम्मीदवारी के दावे लिखते ही उसकी तस्वीर वायरल हो गई. पार्टी की ओर से किसी प्रकार की घोषणा से पहले ही उम्मीदवार का नाम दीवार पर कैसे लिखा गया. यह सवाल उठते ही विधायकों के लोग सक्रिय हुए. दीवार के शब्दों पर चूना डाला गया. चूने से नाम को ढक दिया गया, लेकिन स्थानीय लवली इस विवाद से बचने के लिए इसे पूरानी बात बता रही हैं. इस संबंध में एक समाचार चैनल से बात करते हुए अरुंधति उर्फ ‘लवली’ ने कहा- यह पूरी तरह गलत है. यह पहले से लिखा हुआ था. दीवार पर चाक से यही लिखा जा रहा है, लेकिन हम जानते हैं कि उम्मीदवार के नाम की घोषणा से पहले दीवार पर कुछ नहीं लिखा जा सकता. क्योंकि पार्टी ही तय करेगी कि उम्मीदवार कौन होगा.
पार्टी पर दबाव बनाने की बात
विधायक लवली मैत्रा अकेले नहीं हैं. पुस्तकालय मंत्री सिद्दीकुल्ला चौधरी के समर्थकों ने भी उनके पुराने निर्वाचन क्षेत्र में उम्मीदवार के तौर पर नाम घोषित कर दिया है. हालांकि, सीधे तौर पर नहीं, बल्कि थोड़ा घुमा-फिराकर. सिद्दीकुल्ला ने पूर्वी बर्दवान में तृणमूल जिला अध्यक्ष रवींद्रनाथ चटर्जी का नाम लेकर कहा कि वह मोंटेश्वर से उम्मीदवार हैं. जानकारों का कहना है कि घुमा-फिराकर पार्टी पर दबाव बनाने की कोशिश चल रही है. हालांकि जब इस संबंध में उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा- देखिए भाई, आप कुछ नहीं कर सकते, महोदय, उम्मीदवार का चयन अंतिम है.
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