अधीर रंजन चौधरी का बड़ा बयान- अपनी ही करनी का फल भुगत रही हैं टीएमसी चीफ ममता बनर्जी

Adhir Ranjan Chowdhury Attacks Mamata Banerjee TMC: कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने टीएमसी में मची बगावत पर ममता बनर्जी को घेरा. उन्होंने कहा कि 2016 में कांग्रेस को तोड़ने वाली ममता आज अपने ही कर्मों का फल भुगत रही हैं. रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी ताश के पत्तों की तरह ढह रही है.

Adhir Ranjan Chowdhury Attacks Mamata Banerjee TMC: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने बुधवार को कहा कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी अपनी करनी का फल भुगत रहीं हैं. उन्होंने बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी उथल-पुथल की तुलना वर्ष 2016 के बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद पश्चिम बंगाल में कांग्रेस में हुए दलबदल से की, जिसकी वजह से पार्टी कमजोर हो गयी थी.

इतिहास खुद को दोहराता है : अधीर रंजन चौधरी

पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के पूर्व प्रमुख ने इस मौके पर ‘साधारण टीएमसी कार्यकर्ताओं’ से कहा कि उन लोगों के लिए कांग्रेस के दरवाजे खुले हैं, जिन्होंने पूरी श्रद्धा से टीएमसी के लिए काम करते हुए राजनीतिक उत्पीड़न का सामना किया. पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद लेकर बढ़ते संकट के बीच संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा कि इतिहास खुद को दोहराता है.

58 विधायकों ने रीतब्रत का किया समर्थन

टीएमसी में विद्रोह ने बुधवार को उस समय निर्णायक मोड़ ले लिया, जब 58 बागी विधायकों ने निष्कासित विधायक रीतब्रत बनर्जी को विधायक दल का नेता बनाने का समर्थन किया. फिर विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस ने विद्रोही गुट को सदन में आधिकारिक मुख्य विपक्ष के रूप में मान्यता दे दी.

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2016 में ममता ने कांग्रेस को खत्म करने की कोशिश की : चौधरी

चौधरी ने आरोप लगाया कि 2016 के विधानसभा चुनावों के बाद, जब कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी थी, तब टीएमसी नेताओं ने कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं का दल-बदल कराने के लिए ‘धमकियों और प्रलोभनों’ का सहारा लिया. विधायी तौर-तरीकों व विधानसभा के नियमों की परवाह किये बिना पार्टी को खत्म करने की कोशिश की.

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कभी दलबदल के खेल की अंपायर-रेफरी थीं ममता : चौधरी

अधीर रंजन चौधरी ने टीएमसी सुप्रीमो पर निशाना साधते हुए कहा- पूर्व मुख्यमंत्री एक समय राजनीतिक दलबदल के खेल की अंपायर और रेफरी मानी जाती थीं, लेकिन अब यह भूमिका भाजपा ने ले ली. उन्होंने कहा- आज, इतिहास के एक अलग मोड़ पर, टीएमसी ताश के पत्तों की तरह ढहने की कगार पर खड़ी है. भूमिकाएं बदल गयी हैं, लेकिन दलबदल का खेल जारी है.

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Adhir Ranjan Chowdhury: 44 में 18 कांग्रेस विधायक टीएमसी में शामिल हुए थे

अनौपचारिक आंकड़ों के अनुसार, विधानसभा चुनाव 2016 के बाद कांग्रेस के 44 विधायकों में से लगभग 18 अंततः बंगाल की तत्कालीन सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी में शामिल हो गये थे, जिसके कारण विधानसभा में कांग्रेस सदस्यों की संख्या कम होती गयी. चौधरी ने कहा- जो खेल ममता बनर्जी ने शुरू किया और महारत हासिल की, उसमें भाजपा ने उन्हें मात दे दी.

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Published by: Mithilesh Jha

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