अभिषेक बनर्जी के आमतला कार्यालय पर चला प्रशासन का बुलडोजर, BJP कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के आमतला स्थित पार्टी कार्यालय को प्रशासन ने अवैध निर्माण के चलते ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है. इस कार्रवाई पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया.

Abhishek Banerjee Party Office Demolition: पश्चिम बंगाल में दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के आमतला स्थित पार्टी कार्यालय को शनिवार (18 जुलाई 2026) को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गयी. प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला कि बहुमंजिली इमारत बिना किसी स्वीकृत बिल्डिंग प्लान के और नियमों को पूरी तरह ताक पर रखकर बनायी गयी थी. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भवन से कई कंप्यूटर, लैपटॉप और बड़ी संख्या में फाइलें भी बरामद कीं.

अभिषेक बनर्जी के कार्यालय के एक हिस्से को तोड़ने की कार्रवाई शुरू.

घटनास्थल पर किसी भी प्रकार के तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गयी थी. सुरक्षा घेरे के बीच जेसीबी की मदद से इस अवैध ढांचे को तोड़ने की शुरुआत की गयी. एहतियात के तौर पर दमकल विभाग की गाड़ियां और आपातकालीन कर्मी भी मौके पर मुस्तैद थीं.

कार्रवाई शुरू होते ही BJP खेमे में जश्न, लगे नारे

जैसे ही प्रशासन ने जेसीबी से अभिषेक बनर्जी के दफ्तर को ढहाने का काम शुरू किया, भारी संख्या में मौजूद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने वहां खुशी का इजहार किया. भाजपा कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर जश्न मनाया और अपनी पार्टी के समर्थन में जमकर नारेबाजी की.

ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें, कालीघाट पुलिस के नोटिस का नहीं दिया जवाब, जानें क्या है पूरा मामला

डायमंड हार्बर के सांसद हैं अभिषेक बनर्जी

अभिषेक बनर्जी डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं और आमतला इसी संसदीय क्षेत्र में आता है. आमतला से भाजपा विधायक अग्निश्वर नस्कर ने जिला प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है. विधायक ने कहा- यह पार्टी कार्यालय भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन करके बनाया गया था. यह ढांचा पूरी तरह से अवैध था और जिला प्रशासन ने आखिरकार कानून के दायरे में रहकर एक सही और सराहनीय कार्रवाई की है.

ये भी पढ़ें: सेवाश्रय कैंप में इलाज के बाद काटना पड़ा मालती विश्वास का पैर, अभिषेक बनर्जी पर दर्ज हुई प्राथमिकी

नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर हुई कार्रवाई

प्रशासनिक सूत्रों ने बताया है कि इस कार्यालय के निर्माण में धांधली और अवैध कब्जे को लेकर कई शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद वैधानिक प्रक्रिया शुरू की गयी. प्रशासन ने 15 जुलाई को संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर सुनवाई में शामिल होने का आदेश दिया था.

दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वैध और अनधिकृत निर्माण की शिकायतों के आधार पर कानूनी प्रावधानों के तहत नोटिस जारी किये गये थे. संबंधित व्यक्तियों को 2 बार नोटिस भेजा गया, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब या स्पष्टीकरण नहीं आया. इसके बाद ही प्रशासन ने नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने का फैसला लिया. पूरी प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी और पारदर्शी है.

ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी से सीआईडी ने मांगा आवाज का नमूना, हाईकोर्ट पहुंचे ममता बनर्जी के भाईपो

लीप्स एंड बाउंड्स कंपनी के नाम पर खरीदी गयी थी जमीन

जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के मुताबिक, जिस जमीन पर यह आलीशान पार्टी कार्यालय खड़ा था, वह कथित तौर पर लीप्स एंड बाउंड्स (Leaps and Bounds) नामक कंपनी के नाम पर खरीदी गयी थी. प्रशासन ने अपने नोटिस में इस जमीन के मालिकाना हक (Land Ownership) से जुड़े असली दस्तावेजों और भवन निर्माण से संबंधित अन्य जरूरी मंजूरियों के अभिलेखों पर स्पष्टीकरण मांगा था, जिसे देने में संबंधित पक्ष नाकाम रहे.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं.

अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है.

वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं.

भौगोलिक विशेषज्ञता : वर्तमान में उनका फोकस पश्चिम बंगाल है. उन्होंने झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की खबरों पर भी काम किया है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :-

राज्य की राजनीति और शासन : वर्पतमान में श्चिम बंगाल की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज.

सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग.

जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित रिपोर्टिंग.

डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है.

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर पत्रकारिता, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव और तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >