स्पीड जांच के नाम पर बिना रशीद दिये वसूली कर रहे पुलिसवाले

कोलकाता : महानगर की सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों की गति पर लगाम कसने के लिए राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ‘सेफ ड्राइव सेव लाइफ’ अभियान शुरू किया. राज्यभर में इस पर अमल करने पर पुलिस को सफलता भी मिली और दुर्घटना का आंकड़ा भी तेजी से कम होने लगा. इस नीति के तहत […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
कोलकाता : महानगर की सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों की गति पर लगाम कसने के लिए राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ‘सेफ ड्राइव सेव लाइफ’ अभियान शुरू किया. राज्यभर में इस पर अमल करने पर पुलिस को सफलता भी मिली और दुर्घटना का आंकड़ा भी तेजी से कम होने लगा. इस नीति के तहत वाहनों की रफ्तार को कम करने के लिए कोलकाता पुलिस की तरफ से महानगर के 100 से ज्यादा प्रमुख चौराहों पर स्पीड मीटर यंत्र लगाये गये, जिससे तेज रफ्तार वाहनों को रोक कर चालकों पर जुर्माना लगाया जा सके. वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इससे तेज रफ्तार वाहनों की घातक स्पीड पर ब्रेक लग सकेगा और सड़क हादसों में भी कमी आयेगी.

राज्य सरकार के साथ कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की इस सराहनीय पहल का निचले स्तर के कुछ पुलिस कर्मी खुलकर फायदा उठाने में जुटे हैं. इससे एक तरफ सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं इस अवैध वसूली के कारण दूसरी तरफ इससे चालकों के मन में पुलिस के प्रति गुस्से की भावना जाग रही है.

गैलिफ स्ट्रीट में लॉरी चालकों को बनाया जाता है निशाना
लाॅरी चालकों के साथ भी इसी तरीके का हथकंडा उत्तर कोलकाता के गैलिफ स्ट्रीट क्रॉसिंग में रोजाना रात को अपनाया जाता है. यहां रवींद्र सरणी के रास्ते कुम्हारटोली से आनेवाली गाड़ियों को गैलिफ स्ट्रीट क्रॉसिंग में रोक कर ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार के अरोप में बिना रशीद दिये जुर्माना वसूलते हैं. उत्तर कोलकाता के टाला ब्रिज, आरजी कर क्रॉसिंग के पास, नारकेलडांगा मेन रोड जैसे रास्तों पर स्पीड मीटर नहीं लगे होने के बावजूद बिना रशीद दिये चालकों से जुर्माना वसूला जाता है.
कैसे अवैध तरीके से वसूले जा रहे रुपये
ब्रेबर्न रोड से श्यामबाजार की तरफ जा रहे एक ऑनलाइन कैब चालक पुलिस की अवैध वसूली का शिकार हुआ. उसने बताया कि गिरीश पार्क से राजबल्लभ पाड़ा क्रॉसिंग तक का रास्ता पूरा क्लीयर रहता है, ऐसी स्थिति में चालक तेज गति से गाड़ी आगे ले जाते हैं, तभी शोभाबाजार लालमंदिर के पास ऐसी गाड़ियों को तेज रफ्तार में चलाने का आरोप लगा कर सर्जेंट अन्य पुलिसकर्मी छोटी-बड़ी गाड़ियों से एक सौ रुपये जुर्माने के तौर पर वसूलते हैं. इसके बाद बिना चालान की रशीद दिये उन्हें वहां से रवाना कर देते हैं. छुट्टियों के दिन ऐसा अधिक होता है. निचले स्तर के पुलिसकर्मियों के इस करतब के कारण सरकार को इससे काफी राजस्व का नुकसान हो रहा है.
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (1) विनीत गोयल ने बताया कि इस तरह की घटना की जानकारी मेरे पास नहीं है. जिन रास्तों पर इस तरह का काम होने की बात कही गयी है, उसके आसपास सड़क पर लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच कर इसकी हकीकत का पता लगाने का निर्देश वह दे रहे हैं. जांच के दौरान अगर ऐसा करते हुए किसी भी पुलिसकर्मियों को पाया गया तो उन पर कड़ी कार्रवाई होगी.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >