छोटी गलती के लिए क्यों दी जा रही इतनी बड़ी सजा?
पश्चिम बंगाल सरकार ने चुनाव आयोग से राज्य के चार वरिष्ठ अधिकारियों समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के आदेश को वापस लेने की मांग की है.
एसआइआर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी पर चार अफसरों के खिलाफ एफआइआर के निर्देश पर आपत्ति
संवाददाता, कोलकाता
छोटी सी गलती के लिए इतनी बड़ी सजा क्यों?” इसी सवाल के साथ पश्चिम बंगाल सरकार ने चुनाव आयोग से राज्य के चार वरिष्ठ अधिकारियों समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के आदेश को वापस लेने की मांग की है. राज्य सरकार के गृह विभाग के विशेष आयुक्त ने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीइओ) के कार्यालय के माध्यम से चुनाव आयोग को इस संबंध में एक पत्र भेजा है. चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में कथित रूप से गैरकानूनी तरीके से नाम जोड़ने के आरोप में पूर्व मेदिनीपुर जिले के मयना और दक्षिण 24 परगना के बरुईपुर ईस्ट क्षेत्र के इआरओ और एइआरओ के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने का निर्देश दिया था. आयोग ने इस संबंध में दोनों जिलों के जिलाधिकारियों को आदेश जारी किये थे. हालांकि, यह आदेश करीब 15 दिन पहले दिया गया था, लेकिन अब तक उस पर अमल नहीं हो सका है. इस बीच, सीइओ कार्यालय की ओर से जिलाधिकारियों को दो बार रिमाइंडर भेजा गया. इसके बाद राज्य सरकार ने मामले में महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) से कानूनी सलाह मांगी.
चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, आयोग को भेजे गये पत्र में महाधिवक्ता की सलाह का भी उल्लेख किया गया है.
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