चुनाव ड्यूटी पर नहीं लगाये जायेंगे सहकारी बैंक कर्मी

कलकत्ता हाइकोर्ट ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर बालागेरिया सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी पर लगाने संबंधी निर्वाचन आयोग के निर्देश को रद्द कर दिया है.

By AKHILESH KUMAR SINGH | January 17, 2026 2:08 AM

संवाददाता, कोलकाता

कलकत्ता हाइकोर्ट ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर बालागेरिया सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी पर लगाने संबंधी निर्वाचन आयोग के निर्देश को रद्द कर दिया है. न्यायालय ने स्पष्ट किया कि स्वायत्त सहकारी बैंक के कर्मचारी सरकारी कर्मचारी नहीं होते और उन्हें चुनाव कार्य के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता. यह आदेश न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने बैंक कर्मचारियों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया. याचिकाकर्ताओं ने 19 सितंबर 2025 को जारी उस पत्र को चुनौती दी थी, जिसमें निर्वाचन आयोग ने बैंक से कर्मचारियों का विवरण अपने पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया था, ताकि चुनाव कर्मियों का डेटाबेस तैयार किया जा सके. याचिका में कहा गया था कि बालागेरिया सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक एक पंजीकृत सहकारी संस्था है, जो अपने उपविधानों के अनुसार संचालित होती है और जिसका प्रशासन निर्वाचित बोर्ड के हाथ में है.

बैंक के कर्मचारियों का वेतन और सेवा लाभ पूरी तरह बैंक के अपने फंड से दिये जाते हैं तथा राज्य या केंद्र सरकार का बैंक के प्रशासन, वित्तीय व्यवस्था या कर्मचारियों पर कोई नियंत्रण नहीं है. हाइकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि निर्वाचन आयोग केवल उन्हीं कर्मचारियों की सेवाएं ले सकता है, जिन पर राष्ट्रपति या राज्यपाल का नियंत्रण या अनुशासनात्मक अधिकार हो.

न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने कहा कि सहकारी बैंक स्वायत्त संस्थाएं होती हैं और वे सरकारी या सरकार-नियंत्रित संस्थाओं की श्रेणी में नहीं आतीं. अदालत ने निर्वाचन आयोग के कर्मचारियों का डेटा पोर्टल पर अपलोड कराने संबंधी निर्देश को रद्द करते हुए दो टूक कहा कि स्वायत्त सहकारी बैंक के कर्मचारियों को चुनाव से जुड़े कार्यों के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है