संघ संचालित स्कूलों पर गिरेगी सरकार की गाज

कोलकाता: राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने विधानसभा में बुधवार को कहा कि धर्म के आधार पर कोई भी स्कूल चलने नहीं देंगे. शिक्षा के नाम पर बच्चों में सांप्रदायिकता का विष रोपण नहीं होने दिया जायेगा. शिक्षा और धर्म में अंतर रखना होगा. इस तरह के आरोप मिले हैं. पश्चिम मेदिनीपुर में एक, […]

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कोलकाता: राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने विधानसभा में बुधवार को कहा कि धर्म के आधार पर कोई भी स्कूल चलने नहीं देंगे. शिक्षा के नाम पर बच्चों में सांप्रदायिकता का विष रोपण नहीं होने दिया जायेगा. शिक्षा और धर्म में अंतर रखना होगा. इस तरह के आरोप मिले हैं. पश्चिम मेदिनीपुर में एक, मुर्शिदाबाद में दो तथा उत्तर दिनाजपुर में दो स्कूलों को एनओसी दिया गया है.

शिक्षा के नाम पर हिंदुत्ववाद की शिक्षा दी जा रही है. प्रश्नोत्तर काल के दौरान माकपा के विधायक मानस मुखर्जी के सवाल के जवाब में श्री चटर्जी ने बताया कि सारदा विद्यामंदिर के पांच शिक्षण संस्थानों को अनुमोदन दिया गया है. इन स्कूलों की जांच की जा रही है. यदि जरूरत पड़ी तो इन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी और इनकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है. श्री चटर्जी ने कहा कि धार्मिक असहिष्णुता को बढ़ावा देने के आरोप के मद्देनजर करीब 100 स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

श्री चटर्जी ने कहा कि सरकार का ध्यान इस ओर गया है कि कुछ स्कूलों में इस तरह की गतिविधियां चल रही हैं. विशेष कर उत्तर बंगाल के कुछ हिस्सों व दक्षिण बंगाल के उत्तर 24 परगना के कुछ हिस्सों में ऐसी गतिविधियां हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस तरह की गतिविधियों में लिप्त कुछ स्कूलों की सूची भी दी है तथा कुछ प्रक्रिया के बाद कुछ स्कूलों के ‘नो ऑबजेक्शन सर्टिफिकेट’ भी रद्द किया गया है.

शिक्षामंत्री ने कहा कि कुछ निजी स्कूलों में धार्मिक असहिष्णुता बढ़ावा देने व धार्मिक शिक्षा को बढ़ावा देने वाले शैक्षणिक संस्थानों को बरदाश्त नहीं किया जायेगा. इन स्कूलों को मान्यता देने वाले स्कूल बोर्ड के पाठ्यक्रम को मानना ही होगा. श्री चटर्जी ने कहा कि कई निजी स्कूलों को विभिन्न केंद्रीय स्कूल बोर्ड से मान्यता मिली है तथा राज्य सरकार की ओर से उन्हें एनओसी दी गयी है.
स्कूलों में बच्चों को सीखाया जा रहा है सांप्रदायिकता का जहर : सुजन
माकपा विधायक दल के नेता सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि आरएसएस समर्थित स्कूलों में बच्चों को शिक्षा के नाम पर सांप्रादयिकता का जहर फैलाया जा रहा है. उनके विधायक मानस मुखर्जी ने प्रश्नोत्तर काल में यह मुद्दा उठाया था. शिक्षा मंत्री ने इसे स्वीकार भी कर लिया है.
10500 गैरमान्यताप्राप्त मदरसों पर क्यों चुप है सरकार :आरएसएस
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत कार्यवाह डॉ जिष्णु बसु ने कहा कि वामपंथी व तृणमूल कांग्रेस दोनों ही आरएसएस द्वारा संचालित स्कूलों की बात कर रहे हैं. विधानसभा में मुद्दा उठाया जा रहा है, लेकिन बंगाल में बिना अनुमोदन के चलने वाले 10500 खारिज मदरसों के बारे में क्यों चुप हैं. सिमुलिया के मदरसे के बारे में क्यों नहीं कुछ बोल रहे हैं. वास्तव में दोनों ही पार्टियां पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश बनाने की साजिश रच रही हैं.
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