19 से रोजाना होगी मामले की सुनवाई

सरकार के कानून से निवेशकों को रुपये लौटाना संभव नहीं चिटफंड कंपनियों से संबंधित मामला कोलकाता : एमपीएस सहित अन्य चिटफंड कंपनियों में निवेश करनेवाले निवेशकों को राशि लौटाने के लिए मामले पर राज्य सरकार ने हाइकोर्ट से कहा था कि वह अपने चिटफंड एक्ट के तहत निवेशकों को उनके रुपये लौटाने की प्रक्रिया शुरू […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 9, 2016 7:47 AM
सरकार के कानून से निवेशकों को रुपये लौटाना संभव नहीं
चिटफंड कंपनियों से संबंधित मामला
कोलकाता : एमपीएस सहित अन्य चिटफंड कंपनियों में निवेश करनेवाले निवेशकों को राशि लौटाने के लिए मामले पर राज्य सरकार ने हाइकोर्ट से कहा था कि वह अपने चिटफंड एक्ट के तहत निवेशकों को उनके रुपये लौटाने की प्रक्रिया शुरू करना चाहती है. लेकिन राज्य सरकार के इस आवेदन पर सवाल उठाते हुए निवेशक पक्ष के वकील ने हाइकोर्ट को बताया कि राज्य सरकार के वर्तमान कानून के अनुसार निवेशकों को उनका रुपया लौटाना संभव नहीं हो पायेगा. इसके बाद मामले की सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने इस संबंध में सेबी व केंद्र सरकार से उनके विचार पेश करने को कहा है.
गौरतलब है कि हाइकोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश मंजुला चेल्लूर ने चिटफंड कंपनियों के मामले की सुनवाई के लिए विशेष बेंच का गठन किया है. पिछले मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार का कहना था कि सरकार एमपीएस में निवेश करनेवाले निवेशकों को स्पेशल कमेटी के जरिये नहीं, बल्कि राज्य के चिटफंड एक्ट के तहत रुपये लौटाने की प्रक्रिया शुरू करना चाहती है. राज्य के आवेदन को विशेष बेंच, न्यायाधीश अनिरुद्ध बोस की खंडपीठ ने ग्रहण कर लिया है. हाइकोर्ट के न्यायाधीश ने कहा कि चिटफंड कंपनियों की मामलों का जल्द से जल्द निबटारा करने के लिए 19 सितंबर से रोजाना मामले की सुनवाई करेगी.