ममता बनर्जी और टीएमसी पर संबित पात्रा का विस्फोटक बयान- रुपए लेकर रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को बनाया जा रहा भारतीय नागरिक

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तपिश अभी से महसूस की जाने लगी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदा में घुसपैठ का मुद्दा उठाया, तो भुवनेश्वर में भाजपा नेता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाये. उन्होंने कहा कि पैसे लेकर रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को भारतीय नागरिक बनाने के लिए ममता बनर्जी और टीएमसी ने फेक आईडी की दुकान खोल रखी है.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद संबित पात्रा ने पश्चिम बंगाल के बारे में एक विस्फोटक बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि यहां फेक आईडी रैकेट चल रहे हैं. रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारतीय बनाया जा रहा है. भाजपा सांसद ने बंगाल की सीएम का नाम लेकर कहा कि ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस की एजेंसियों ने बंगाल में दुकान खोल रखी है. उन्होंने कहा कि इन दुकानों में बैठे लोग घुसपैठियों को भारत की नागरिकता दिलाने के लिए 10 हजार से 10 लाख रुपए तक ले रहे हैं.

ममता बनर्जी ईडी के अफसरों से छीन लेती हैं फाइल – संबित पात्रा

संबित पात्रा ने कहा कि यही वजह है कि जब सेंट्रल एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम कोलकाता में एक कंपनी के ऑफिस और उसके मालिक के घर पर रेड करती है, तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद वहां जाकर ईडी के अधिकारियों से फाइल छीन लेती हैं. उन्होंने पूछा कि क्या आपने इतिहास में कभी ऐसा सुना या देखा था?

पैसे लेकर रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को भारतीय बनाया जा रहा – भाजपा

संबित पात्रा ने फिर सवाल किया- ऐसा क्यों हुआ? इसका जवाब भी वह खुद देते हैं. कहते हैं कि यह सब हुआ, क्योंकि करोड़ों रुपए के घपले हो रहे हैं. केवल घुसपैठियों को हिंदुस्तानी बनाने के लिए. यहां पैसे देकर रोहिंग्या भारतीय बन सकता है. बांग्लादेशी नागरिक भारत की नागरिकता ले सकता है. संबित पात्रा ने कहा कि देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा.

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बांग्लादेश सीमा पर 72 संवेदनशील जगहों से होती है घुसपैठ

संबित पात्रा ने कहा कि बांग्लादेश की सीमा पर 72 संवेदनशील जगह हैं, जहां से घुसपैठ होती है. पश्चिम बंगाल सरकार को बार-बार इसके बारे में चिट्ठियां लिखी गयीं. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारी बार-बार मीटिंग करते हैं, लेकिन इन 72 जगहों की फेंसिंग के लिए ममता बनर्जी जमीन नहीं देतीं हैं. उन्होंने पूछा इसके पीछे मंशा क्या है?

ममता बनर्जी की मंशा बंग भंग, बंगाल को बांग्लादेश बनाना – संबित पात्रा

संबित पात्रा ने कहा कि इसके पीछे एक ही मंशा है- बंग भंग का. पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश बनाने का. भाजपा नेता ने कहा कि यह पहला मौका नहीं है, जब ऐसा हो रहा है. इसका एक पैटर्न बन चुका है. जब नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) आया, तब ममता बनर्जी और टीएमसी ने सड़क पर उतरकर इसका विरोध किया.

हिंदुओं को बचाने वाले कानून का ममता बनर्जी ने किया था विरोध – पात्रा

भाजपा नेता ने कहा कि ममता बनर्जी और टीएमसी ने सीएए का विरोध किया, क्योंकि वह नहीं चाहतीं कि हिंदू बच जाये. उन्होंने कहा- एक हिंदू बच जाये, तो काका-छीछी, काका-छीछी, वहीं अगर एक बांग्लादेशी या रोहिंग्या का नाम वोटर लिस्ट से कट जाये, तो अशोक दास को फांसी पर लटका दो. संबित पात्रा ने कहा कि हिंदुओं की संपत्ति लूटने वाले वक्फ बोर्ड पर जब सख्त कानून बना, तो ममता बनर्जी ने उसका भी विरोध किया.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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