बंगाल में जमकर मनी होली, ममता बनर्जी और अभिषेक ने दी दोल की शुभकामनाएं

बंगाल में दोल यात्रा यानी होली के मौके पर राजनेता से लेकर आम लोग तक रंगों से सराबोर नजर आये. सांसद से लेकर विधायक तक होली के उमंग में नाचते-गाते दिखे. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बांग्ला में दोल उत्सव की शुभकामनाएं दीं, तो अभिषेक बनर्जी ने भी सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर अपने ही अंदाज में लोगों को होली विश की.

पश्चिम बंगाल में मंगलवार को दोल उत्सव हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया. होली के अवसर पर लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था. आम लोगों से लेकर नेता तक होली के रंग में रंगे दिखे. आसनसोल की भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल महिलाओं के साथ जमकर नाचीं, तो भवानीपुर में बंगाल विधानसभा के लीडर ऑफ ऑपोजीशन शुभेंदु अधिकारी ने भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा के साथ जनसंपर्क अभियान शुरू किया.

आसनसोल में आयोजित होली मिलन समारोह में जमकर नाचीं भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल.

सांसद अरूप चक्रवर्ती ने बांकुड़ा में खेली होली

तृणमूल कांग्रेस के नेता और सांसद अरूप चक्रवर्ती ने बांकुड़ा शहर में होली खेली. उनके साथ नगरपालिका अध्यक्ष अलका सेन मजूमदार और अन्य लोग भी मौजूद थे. टीएमसी सांसद ने इस अवसर पर कहा कि 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में एक बार फिर हरा गुलाल ही उड़ेगा.

ममता बनर्जी और अभिषेक ने दी दोल यात्रा की शुभकामनाएं

पश्चिम बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी ने बंगाल के लोगों को दोल उत्सव की शुभकामनाएं दी हैं. ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर बांग्ला भाषा में अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं, तो तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने अंग्रेजी में होली की शुभकामनाएं दी हैं.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

ओ रे घर वालों, द्वार खोलो, होली आ गयी

ममता बनर्जी ने जो ट्वीट किया है, उसमें लिखा है – ओ रे घर वालों, द्वार खोलो, द्वार खोलो, होली (दोल) आ गयी है. धरती पर, जल में और वन-उपवन में दोल की उमंग छा गयी है. सभी को दोल यात्रा की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई. ममता बनर्जी ने इसके आगे लिखा है- शांति की होली और दोल मानव समाज में पवित्र सौहार्द लेकर आये.

अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर दी होली की शुभकामनाएं

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने लिखा कि दोल और होली हर साल अपने हाथों में रंग और दिल में एक शाश्वत संदेश लेकर आती है. जब रंग हमें छूते हैं, तो वे हमारा नाम, जाति, भाषा या धर्म नहीं पूछते, वे बस सबको गले लगा लेते हैं.

रंग को समान सम्मान और गरिमा के साथ मिले स्थान

कोई समाज तभी सचमुच रंगीन और जीवंत बनता है, जब हर रंग को समान सम्मान और गरिमा के साथ स्थान मिलता है. दोल यात्रा और होली की भावना हमें याद दिलाती है कि एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है और सौहार्द हमारी साझा जिम्मेदारी.

हर नागरिक को मिले बराबर स्थान

यह पर्व हमारे भीतर एकजुटता, समानता और इस विश्वास के भाव का संचार करे. एक ही आसमान के नीचे हर नागरिक को बराबर स्थान मिले. सभी को रंगों से भरी दोल और होली की हार्दिक शुभकामनाएं.

इसे भी पढ़ें

बंगाल में ‘बॉर्डर पॉलिटिक्स’ से वोट बैंक की घेराबंदी, संदेशखाली में ममता बनर्जी सरकार पर शिवराज का सीधा वार

अभिषेक बनर्जी का केंद्र को चैलेंज – हिम्मत है तो बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाकर दिखायें

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >