जीएसटी के विरोध का कोई मतलब नहीं : अब्दुल बारी सिद्दिकी

कोलकाता: वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) संशोधन विधेयक पारित कराने के लेकर केंद्र सरकार तत्पर दिख रही है. विधेयक को लेकर तमिलनाडु को छोड़कर लगभग सभी राज्यों की ओर से सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गयी है. इसमें बिहार भी शामिल है. बिहार के वित्त मंत्री व राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दिकी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
कोलकाता: वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) संशोधन विधेयक पारित कराने के लेकर केंद्र सरकार तत्पर दिख रही है. विधेयक को लेकर तमिलनाडु को छोड़कर लगभग सभी राज्यों की ओर से सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गयी है. इसमें बिहार भी शामिल है. बिहार के वित्त मंत्री व राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दिकी से जीएसटी समेत कई मुद्दों को लेकर विशेष बातचीत हुई. बातचीत के प्रमुख अंश :
सवाल : लंबित जीएसटी संशोधन विधेयक के मुद्दे पर आप क्या कहना चाहेंगे?
उत्तर : जीएसटी का विरोध करने का कोई मतलब ही नहीं है. मैं त्रुटि मुक्त जीएसटी लागू करने के पक्ष में हूं. भारत अंतरराष्ट्रीय बाजार का हिस्सा है, तो देश में कई परिवर्तन भी जरूरी है.
सवाल : बिहार में औद्योगिक विकास की कोई नयी योजना है?
उत्तर : बिहार में निवेश के मसले पर ईद के बाद सऊदी अरब में रहनेवाले बिहार मूल के उद्यमियों के साथ बैठक की जा सकती है. खाड़ी देशों में बिहार मूल के काफी संख्या में लोग रहते हैं. उन देश‍ों में आम, लीची, मखाना आदि खाद्य सामानों की काफी मांग है. यदि बिहार के सामानों की निर्यात की सुविधाओं पर ध्यान दिया जाये, तो यह राज्य के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है. बिहार से सऊदी अरब के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू होने से बिहार से कृषि उत्पाद के निर्यात में बढ़ोतरी होगी. बिहार टूटने के बाद ज्यादातर औद्योगिक क्षेत्र झारखंड में चला गया है. बिहार की कुल आबादी के आधे से ज्यादा लोग कृषि पर निर्भर करते हैं. ऐसे में कृषि क्षेत्र के विकास पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है.
सवाल : अन्य योजनाओं के बारे में कुछ कहेंगे?
उत्तर : बिहार में हर क्षेत्र के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है. विगत 10 वर्षों में बिहार की अर्थव्यवस्था देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे तेज विकसित हुई है.
बिहार सरकार अपने वायदे के अनुरूप काम शुरू कर चुकी है. मसलन हर जिले में पारा मेडिकल इंस्टीट्यूट, हर अनुमंडल में एनएमएम स्कूलों के निर्माण की योजना है. बिहार में महिलाओं को नौकरी में 35% आरक्षण दिया जाना काफी महत्वपूर्ण है. सभी नौकरियों में आरक्षण का वादा पूरा कर दिया है. घर-घर बिजली, पानी, सड़क सुविधा पहुंचाई जा रही है. युवा को उच्च शिक्षा देने के लिए अक्तूबर से चार लाख रुपये के क्रेडिट कार्ड दिये जाने योजना है. महिलाओं के लिए मुफ्त उच्च शिक्षा की व्यवस्था की योजना भी है.
सवाल : बिहार में पूर्ण शराबबंदी से नुकसान हुआ है या फायदा?
उत्तर : पूर्ण शराबबंदी को लागू कर बिहार ने एक मिसाल कायम की है. इससे बिहार सरकार को सालाना करीब 3.5 हजार से चार हजार करोड़ रुपये का नुकसान है, लेकिन फायदे के लिए मौत का सौदा करना सही नहीं है.
शराबबंदी के लिए महिलाओं का अहम योगदान है. इसके लिए न जाने महिलाओं ने कितनी यातनाएं सहीं, लेकिन हार नहीं मानीं.
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