कोलकाता : अगले वर्ष होनेवाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को दुरुस्त करने के लिए मुख्यमंत्री व तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी कालीघाट स्थित अपने निवास स्थान पर हर शनिवार को विभिन्न जिलों के नेताअों के साथ बैठक कर रही हैं. इस कड़ी में शनिवार को हुगली के नेताअों के साथ उनकी बैठक हुई. हालांकि बैठक […]
ByPrabhat Khabar Digital Desk|
कोलकाता : अगले वर्ष होनेवाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को दुरुस्त करने के लिए मुख्यमंत्री व तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी कालीघाट स्थित अपने निवास स्थान पर हर शनिवार को विभिन्न जिलों के नेताअों के साथ बैठक कर रही हैं. इस कड़ी में शनिवार को हुगली के नेताअों के साथ उनकी बैठक हुई.
हालांकि बैठक में ही पार्टी की आंतरिक गुटबाजी खुलकर सामने आयी.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री के सामने ही नेता बहस में उलझ गये. बहस करनेवालों में आरामबाग सांसद अपरूपा पोद्दार व परशुरा के विधायक परवेज रहमान शामिल थे. दोनों की बहस ऐसे मोड़ पर पहुंच गयी कि मुख्यमंत्री को खुद हस्तक्षेप करना पड़ा. इस घटना के बाद मुख्यमंत्री बेहद नाराज हो गयीं.
नाराज होकर दोनों को बैठक से बाहर निकालने तक की चेतावनी उन्होंने दे डाली. उनका कहना था कि दोनों उनके सामने बैठ कर उनके ही घर में झगड़ा कर रहे हैं. इसे बरदाश्त नहीं किया जा सकता.
आरामबाग सांसद को भी उन्होंने सतर्क किया. उन्होंने साफ किया कि विधानसभा चुनाव के पहले सभी को एक साथ मिलकर काम करना होगा. केवल अपरूपा पोद्दार या परवेज रहमान ही नहीं, मुख्यमंत्री ने दो अन्य विधायकों को भी डांट लगायी. सतर्क किये जानेवालों में बलागढ़ के असीम मांझी,
चंडीतला की स्वाती खोंदकर शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि पार्टी के भीतर किसी प्रकार की गुटबाजी को बरदाश्त नहीं किया जायेगा. मुख्यमंत्री की डांट खानेवालों में बेचाराम मान्ना भी शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने उन्हें निर्देश दिया कि सिंगूर में रवींद्रनाथ भट्टाचार्य को साथ लेकर चलना होगा. भविष्य में किसी प्रकार की उन्हें शिकायत नहीं मिलनी चाहिए.
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