अब घर भी खाली कराने लगे छुटभैये नेता

– रत्नेश तिवारी – किराये का घर खाली कराने का धंधा जोरों पर कोलकाता : आम तौर पर देखा जाता है कि राजनीतिज्ञ समाज सेवा मूलक गतिविधियों में लिप्त रहते हैं. जनता के हित के लिए किसी भी राजनीतिक दल के बैनर तले लोग नेता बन जनता की सेवा करते हैं. बड़ाबाजार के नेता भी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

– रत्नेश तिवारी –

किराये का घर खाली कराने का धंधा जोरों पर

कोलकाता : आम तौर पर देखा जाता है कि राजनीतिज्ञ समाज सेवा मूलक गतिविधियों में लिप्त रहते हैं. जनता के हित के लिए किसी भी राजनीतिक दल के बैनर तले लोग नेता बन जनता की सेवा करते हैं.

बड़ाबाजार के नेता भी इससे अछूते नहीं हैं. लेकिन इन दिनों बड़ाबाजार में एक धंधा जोरों से फलफूल रहा है, वह है किरायेदारों से मकान खाली कराने का धंधा. बड़ाबाजार में इस धंधे में कोई असामाजिक तत्व या गलत लोग नहीं जुड़े हैं. बड़ाबाजार में इन दिनों विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने मकान खाली कराने का धंधा शुरू कर दिया है.

स्थानीय छुटभैया नेताओं को मकान मालिक मकान खाली कराने का काम दे रहे हैं. इसके लिए नेता मकान में प्रवेश कर किरायेदारों में डरा धमका एवं विभिन्न तरीके से परेशान कर मकान छोड़ने अथवा कुछ पैसे लेकर चले जाने के लिए बाध्य करते हैं. यह धंधा तब प्रकाश में आया, जब बड़ाबाजार के पोस्ता थाना इलाके के वार्ड 23 के 17 शिवतल्ला स्ट्रीट के किरायेदार शिव कुमार व्यास को मकान से निकालने के लिए एक चोरी का मामला थाने में दर्ज करवाया गया.

श्री व्यास इस मकान में किरायेदार हैं. मकान मालिक बसंत मूंधड़ा हैं. मकान मालिक इस मकान को खाली करा, प्रमोटर के हाथ दे यहां प्रमोटिंग करना चाहते हैं. 23 अक्तूबर को श्री व्यास ने पोस्ता थाने में अपने कमरे में चोरी होने का मामला दर्ज कराया.

स्थानीय भाजपा नेता जबरन करा रहे मकान खाली

तृणमूल युवा कांग्रेस के महासचिव एवं ब्लॉक तृणमूल के अध्यक्ष स्वपन वर्मन ने आरोप लगाया है कि इस मकान में मकान मालिक एवं प्रमोटर द्वारा मकान को किरायदारों से मुक्त कराने के लिए अवैध तरीके से कदम उठाया जा रहा है. बड़ाबाजार में इन दिनों छुटभैया नेताओं के सह पर प्रमोटर राज बढ़ रहा है. साथ ही अवैध रूप से मकान खाली कराया जा रहा है.

श्री वर्मन ने आरोप लगाया कि शिवतल्ला स्ट्रीट के इस मकान को खाली कराने का ठेका स्थानीय एक भाजपा नेता एवं उनके लोगों ने लिया है. मकान मालिक वसंत मूंधड़ा ने उन्हें काम सौंपा है. स्थानीय पार्षद के सह पर भाजपा के कुछ लोग वार्ड में अवैध निर्माण एवं मकान खाली करवाने का धंधा कर रहें हैं. उक्त भाजपा नेता ने मकान के किरायेदार शिव कुमार व्यास के घर में रखे चार से पांच संदूकों का सामान चोरी करवाया.

बाद में जब पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करायी गयी तो उसी मकान के दूसरे कमरे से चोरी किया गया सामान वापस मिला. इसके अलावा वह भाजपा नेता अपने कुछ लोगों के साथ जाकर मकान के किरायेदारों को हमेशा धमकाता रहता था.

चार दिन बीत जाने के बाद भी आज तक पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया. वर्मन ने कहा, यदि पुलिस ने उक्त भाजपा नेता के खिलाफ कार्रवाई नहीं किया तो हम किरायेदार का साथ दे डीसी सेंट्रल एवं कोलकाता पुलिस के सीपी से भी मिलेंगे.

क्या कहते हैं स्थानीय पार्षद

स्थानीय पार्षद विजय ओझा ने कहा कि आम तौर पर बड़ाबाजार में किसी भी अवैध निर्माण के लिए स्थानीय पार्षद को लोग विशेष कर विरोधी पक्ष बदनाम करते हैं. लेकिन शायद वे इस बात को नहीं जानते कि किसी भी प्रकार के भवन निर्माण के लिए मकान मालिक अथवा प्रमोटर स्थानीय पार्षद से नहीं, बल्कि कोलकाता नगर निगम के भवन निर्माण विभाग से मंजूरी लेकर काम करते हैं.

हाल में निगम में तृणमूल का बोर्ड हैं. ऐसे में अगर कोलकाता में एक भी अवैध निर्माण होता है तो उसका जिम्मेवार निगम का वर्तमान तृणमूल बोर्ड है.

हमें तो यह भी नहीं मालूम रहता कि किसने कौनसा मकान खरीदा एवं कौन प्रमोटिंग कर रहा है. रास्ते में जब हम घूमते हैं तो एक दिन देखते हैं कि एक मकान कर चारों तरफ भाड़ा बांध मकान को तोड़ने एवं बनाने का काम शुरू कर दिया जाता है. जब पता लगाते तो पता चलता है कि निर्माण या मरम्मत के लिए निगम ने अनुमति दी है.

सबूत मिला तो होगी कार्रवाई

श्री ओझा ने कहा कि शिवतल्ला वाले मकान में किसी स्थानीय भाजपा नेता एवं उनके लोगों द्वारा मकान खाली करवाने की जो बात हैं, मैं पूरी तरह से यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मेरी पार्टी अथवा वार्ड में मेरे पार्टी के लोग व्यक्तिगत तौर पर क्या कर रहे हैं, उसके लिए मैं अथवा भाजपा दोषी नहीं है.

अगर कोई मेरा नाम लेकर या पार्टी का झंडा लेकर मकान खाली कराने का धंधा करता है तो उसके खिलाफ पार्टी स्तर पर स्थानीय पार्षद होने के नाते मैं कठोर से कठोर कदम उठाऊंगा. हां इस मकान को खाली करवाने को लेकर मेरे भी कानों में कुछ बातें आयी हैं. लेकिन सबूत या किसी के द्वारा लिखित शिकायत नहीं होने के कारण मैं कोई भी कदम उठाने में असमर्थ हूं.

भले ही भाजपा का कोई नेता क्यों न हो अगर जन विरोधी अथवा किरायेदारों के हितों के खिलाफ जाकर अपने आर्थिक लाभ के लिए कोई काम करते हैं और उसके खिलाफ सटीक शिकायत और सबूत मिलता है तो अवश्य कार्रवाई होगी. बशर्ते नामजद आरोप पत्र दायर किया जाना चाहिए.

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