धर्मगुरुओं का संदेश सैन्य शक्ति से अधिक प्रभावी : रिजिजु

कोलकाता. दुनिया में शांति की स्थापना करने के लिए सैन्य बल की अपेक्षा धर्मगुरुओं का संदेश अधिक प्रभावी है. अगर हम इनके संदेशों को अपने कर्म के माध्यम से चरितार्थ करें तो सेना, पुलिस और अन्य किसी बल की आवश्यकता नहीं होगी. महानगर में बौद्ध भिक्षु कृपासरन महासथवीर की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 22, 2015 9:06 PM

कोलकाता. दुनिया में शांति की स्थापना करने के लिए सैन्य बल की अपेक्षा धर्मगुरुओं का संदेश अधिक प्रभावी है. अगर हम इनके संदेशों को अपने कर्म के माध्यम से चरितार्थ करें तो सेना, पुलिस और अन्य किसी बल की आवश्यकता नहीं होगी. महानगर में बौद्ध भिक्षु कृपासरन महासथवीर की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में कोलकाता पहुंचे केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजु ने ये बातें कहीं. उल्लेखनीय है कि कृपासरन महासथवीर चंटगांव (बांग्लादेश) के रहने वाले थे. उन्होंने कोलकाता को केंद्र बना कर पूर्वोत्तर में बौद्ध धर्म का व्यापक प्रचार किया था. सोमवार को उनकी 150वीं जयंती मनाने के लिए दुनिया भर से बौद्ध भिक्षु कोलकाता पहुंचे थे. गृह मंत्री किरण रिजिजु ने बुद्ध दर्शन की प्रासंगिकता पर चर्चा करते हुए कहा कि बुद्ध के संदेशों को अगर ठीक से समझा जाये तो पूरी दुनिया में अमन और चैन कायम हो सकता है. उन्होंने कहा कि बुद्ध के संदेशों में जीवन का सार छिपा है. उनके संदेश समझने के बाद किसी सेना या किसी हथियार की आवश्यकता नहीं है. इस अवसर पर डाक विभाग की ओर से भी बौद्ध भिक्षु कृपासरन महासथवीर के नाम पर एक कवर भी जारी किया गया.