कोलकाता/रानाघाट: नदिया जिले के गंगापुर के एक कॉन्वेंट स्कूल में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना हुई है. शुक्रवार रात डकैतों ने एक उम्रदराज नन से कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया. अपराधियों ने इस आवासीय स्कूल से 12 लाख रुपये लूटने के अलावा प्रार्थनागृह में तोड़फोड़ की और पवित्र वस्तुओं को नुकसान पहुंचाया. […]
ByPrabhat Khabar Digital Desk|
कोलकाता/रानाघाट: नदिया जिले के गंगापुर के एक कॉन्वेंट स्कूल में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना हुई है. शुक्रवार रात डकैतों ने एक उम्रदराज नन से कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया. अपराधियों ने इस आवासीय स्कूल से 12 लाख रुपये लूटने के अलावा प्रार्थनागृह में तोड़फोड़ की और पवित्र वस्तुओं को नुकसान पहुंचाया. घटना से गुस्साए छात्रों व अभिभावकों ने शनिवार दोपहर एनएच-34 व सियालदह-रानाघाट रेलवे लाइन को बाधित कर दिया.
इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मामले की सीआइडी से जांच कराने के आदेश दिये हैं. जिला मजिस्ट्रेट पीबी सलीम ने बताया कि पुलिस ने गिरोह के सदस्यों की तलाश शुरू कर दी है. उधर, कोलकाता के आर्कबिशप थामस डिसूजा ने कहा कि अपराधियों ने कॉन्वेंट स्कूल में प्रार्थनागृह और पवित्र वस्तुओं को क्षतिग्रस्त कर दिया. रानाघाट उपमंडल के आवासीय कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मेरी स्कूल के अधिकारियों के अनुसार, रात लगभग साढ़े बारह बजे 10-12 डकैतों के एक गैंग ने कान्वेंट में प्रवेश किया. 15 सौ छात्र-छात्रओं वाले इस स्कूल के सुरक्षाकर्मियों के साथ ही दरबान जयंत मंडल को बदमाशों ने पेड़ से बांध दिया और ताला तोड़कर स्कूल में दाखिल हो गये.
गिरोह के तीन-चार बदमाशों ने 70 वर्षीय नन को परेशान करने के बाद उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. अपराध करने के बाद गैंग के सदस्यों ने अलमारी में रखे 12 लाख रुपये भी लूट लिये. सुबह मामला सामने आने के बाद छात्रावास के अधिकारियों ने नन को रानाघाट अस्पताल पहुंचाया. जिला मजिस्ट्रेट के मुताबिक, अभी भी घटना के पूरे खुलासे का इंतजार है. चार सदस्यीय सीआइडी की टीम ने घटनास्थल का दौरा किया. पुलिस अधीक्षक अर्नब घोष भी पहुंचे. सीसीटीवी फुटेज की फिलहाल जांच की जा रही है.
घटना के संबंध में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. बताया जा रहा है कि घटनास्थल से पुलिस 100 मीटर की दूरी पर गश्त लगा रही थी. लेकिन उसे इसकी जानकारी नहीं मिली. क्षेत्र में जंगल की आग की तरह खबर फैलने के बाद गुस्साये छात्रों और अभिभावकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 34 और सियालदह-रानाघाट की रेलवे लाइन को दोपहर 12 बजे से रोकना शुरू कर दिया.
बर्बर घटना: आर्क बिशप
कोलकाता के आर्कबिशप थामस डिसूजा ने कहा कि अपराधियों ने कॉन्वेंट स्कूल में प्रार्थनागृह और पवित्र वस्तुओं को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. डिसूजा ने कहा कि बर्बरता के साथ ही हमारे लिए यह भी दुखद है कि उन लोगों ने प्रार्थनागृह और पवित्र वस्तुओं को क्यों नुकसान पहुंचाया. घटनास्थल का दौरा करने के बाद उन्हाेंने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि उन लोगों (अपराधियों) का मकसद क्या था. लेकिन स्कूल और प्रार्थनागृह में तोड़फोड़ की जो काफी दुखद है. उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हमले के पीछे का मकसद क्या था. इस घटना की निंदा करते हुए डिसूजा ने पुलिस से त्वरित कार्रवाई करने की मांग की. उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन के पास सीसीटीवी फुटेज हैं जिनमें यह हरकत करने वाले लोगों को पहचाना जा सकता है.
नन को मिली थी धमकी: मलिक
इस बीच, इसाइयों के संगठन बंगीय क्रिस्टिया परिसेवा (बीसीपी) के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष हिरोद मलिक ने आरोप लगाया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में इसाइयों पर हमले की घटनाओं में वृद्धि हुई है. मलिक ने बुजुर्ग नन के साथ सामूहिक दुष्कर्म की दर्दनाक घटना की निंदा करते हुए कहा कि स्थानीय पुलिस व प्रशासन की लापरवाही से यह घटना हुई है. पीड़ित नन को कई बार धमकी दी जा चुकी थी. हम लोगों ने कई बार पुलिस से उन्हें सुरक्षा प्रदान करने की मांग की थी, पर पुलिस ने हमारी मांग पर ध्यान ही नहीं दिया, फलस्वरुप इस प्रकार की शर्मनाक घटना सामने आयी. मलिक ने कहा कि यह मात्र एक लूट की घटना नहीं, बल्कि इसके पीछे एक साजिश है. उन्होंने बताया कि स्थिति का जायजा लेने के लिए बंगीय क्रिस्टिया परिसेवा की एक टीम रविवार को घटनास्थल के दौरे पर जायेगी.
मंत्रियों ने कहा-धार्मिक साजिश
घटना की निंदा करते हुए शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे. दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यह धार्मिक षड्यंत्र चल रहा है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की छवि को धूमिल करने के लिए यह किया जा रहा है. रानाघाट की घटना इसका ही अंग है. इस घृणित कार्य को ‘मानवता पर हमला’ करार देते हुए फिरहाद हकीम ने इसे धार्मिक कट्टरता को भड़काने का प्रयास बताया. उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान होना बाकी है और तुरंत ही उनकी गिरफ्तारी की जायेगी और उन्हें कड़ी सजा दी जायेगी. हकीम का कहना था कि देश भर में सांप्रदायिक कट्टरवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है. यह सबकुछ ‘घर वापसी’ के जरिये हो रहा है. दुष्कर्म जैसा ऐसा घृणित कार्य करने वालों को गोली मार देनी चाहिए. लेकिन हमारे देश में ऐसा कानून नहीं है. कानून अपना काम करेगा.
विपक्ष ने राज्य सरकार पर साधा निशाना
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने कहा कि यह घटना स्पष्ट करती है कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति क्या हो गयी है. सिन्हा ने कहा कि राज्य के मंत्री यह कह रहे हैं कि विश्व में अन्यत्र भी घटनाएं हुई हैं. लेकिन अन्यत्र होने पर पश्चिम बंगाल में क्यों होगा. माकपा के राज्य सचिव डॉ सूर्यकांत मिश्र ने कहा है कि ऐसी घटनाओं की जितनी भी निंदा की जाये कम है. तृणमूल सरकार पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि करीब चार वर्षो में राज्य में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल बना हुआ है. उनके खिलाफ लगातार आपराधिक मामले हो रहे हैं. ऐसी घटनाओं को रोक पाने में राज्य सरकार व प्रशासन नाकाम है.
माकपा नेता रॉबिन देव ने आरोप लगाया कि पुलिस व प्रशासन के उदासीन रवैये के कारण ही महिलाओं पर आपराधिक मामले थम नहीं रहे हैं. इसके खिलाफ वामपंथियों का विरोध लगातार जारी रहेगा. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि यह शर्मनाक घटना है. कुछ कहने को दिल नहीं करता है. बंगाल में दुष्कर्म की घटनाएं आम हो गयी हैं. महिला अत्याचार चरम पर है. बच्ची से लेकर वृद्धा तक किसी की इज्जत सुरक्षित नहीं है. यहां विकास नहीं, बल्कि दुष्कर्म का बोलबाला है.
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