आडवाणी और मोदी के बीच विचारों का कोई टकराव नहीं :नायडू

कोलकाता: लालकृष्ण आडवाणी और नरेंद्र मोदी के बीच किसी भी तरह के हितों के टकराव से इंकार करते हुए भाजपा नेता एम वेंकैया नायडू ने कहा कि सबको प्रधानमंत्री के प्रदर्शन पर सवाल खड़ा करने का अधिकार है क्योंकि वह देश के प्रति जवाबदेह हैं. मोदी का समर्थन करते हुए नायडू ने यहां संवाददाताओं से […]

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कोलकाता: लालकृष्ण आडवाणी और नरेंद्र मोदी के बीच किसी भी तरह के हितों के टकराव से इंकार करते हुए भाजपा नेता एम वेंकैया नायडू ने कहा कि सबको प्रधानमंत्री के प्रदर्शन पर सवाल खड़ा करने का अधिकार है क्योंकि वह देश के प्रति जवाबदेह हैं.

मोदी का समर्थन करते हुए नायडू ने यहां संवाददाताओं से कहा, विचारों का कोई टकराव नहीं है क्योंकि आडवाणीजी ने किसी का भी नाम नहीं लिया है. मैंने उनके वक्तव्य को बेहद सावधानी से पढ़ा है. हितों का कोई टकराव नहीं है. यह बिल्कुल स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह देश के प्रति जवाबदेह हैं.

वह विफल रहे हैं, इसलिए हमें उनसे सवाल करने का पूरा अधिकार है. लेकिन व्यक्तिगत आलोचना नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने कहा, लेकिन हां, उनके प्रदर्शन की आलोचना की जा सकती है. प्रधानमंत्री देश के प्रति जवाबदेह हैं. नायडू की टिप्पणी स्वतंत्रता दिवस पर मनमोहन सिंह पर नरेंद्र मोदी के हमले की पृष्ठभूमि में आई है. मोदी के बयान की परोक्ष तौर पर आडवाणी ने आलोचना की थी. आडवाणी के बयान का राजग के सहयोगी दल शिवसेना ने भी समर्थन किया था.

आडवाणी ने कल कहा था कि स्वतंत्रता दिवस जैसे मौके पर नेताओं को एक-दूसरे की आलोचना नहीं करनी चाहिए. गौरतलब है कि आडवाणी ने मोदी को भाजपा की चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाए जाने पर आपत्ति जताई थी.

यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा नीत राजग मोदी के साथ पर्याप्त सहयोगी दल जुटाने में सक्षम होगी तो नायडू ने कहा, गठबंधन और तालमेल व्यक्ति के आधार पर नहीं बनाया जाता बल्कि एजेंडा के आधार पर बनाया जाता है. नायडू ने भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के स्वतंत्रता दिवस भाषण की आलोचना की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का भाषण राष्ट्र का विश्वास बहाल करने में नाकाम रहा.

उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री का कल का भाषण बिल्कुल फीका और निराशाजनक था. इसने किसी में भी विश्वास बहाल नहीं किया. यह पूछे जाने पर कि भाजपा प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करने में क्यों देरी कर रही है तो नायडू ने कहा, सत्तारुढ़ पार्टी ने अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है. तब विपक्ष क्यों जल्दबाजी में होगा.

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