तृणमूल के बागी विधायक स्वपन कांति घोष ने दिया धरना, साथ खड़े दिखे विरोधी दल

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायक स्वपन कांति घोष के धरने व प्रदर्शन को लेकर बुधवार को दिनभर विधानसभा में गहमा गहमी रही. विरोधी दल के विधायक व नेता बागी विधायक के साथ खड़े दिखे. वहीं, सत्तापक्ष के विधायकों असमंजस की स्थिति में रहे. दिन भर विधानसभा में श्री घोष को लेकर चर्चा होती रहीं. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायक स्वपन कांति घोष के धरने व प्रदर्शन को लेकर बुधवार को दिनभर विधानसभा में गहमा गहमी रही. विरोधी दल के विधायक व नेता बागी विधायक के साथ खड़े दिखे. वहीं, सत्तापक्ष के विधायकों असमंजस की स्थिति में रहे. दिन भर विधानसभा में श्री घोष को लेकर चर्चा होती रहीं. विधानसभा के गेट पर धरने पर बैठे विधायक स्वपन कांति घोष से मिलने विधानसभा में विरोधी दल के नेता डॉ सूर्यकांत मिश्र पहुंचे और उन्होंने उनकी शिकायतें सुनीं.
सूर्यकांत मिश्र ने श्री घोष का पक्ष लेते हुए कहा कि श्री घोष का आरोप बहुत ही महत्वपूर्ण है.

उन्होंने विधानसभा में शहरी विकास मामलों के मंत्री फिरहाद हकीम से बयान देने की मांग करते हुए कहा कि राज्य सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. उन्होंने श्री घोष के मार्शल द्वारा धक्का मुक्की किये जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मार्शल को यह अधिकार नहीं है कि विधानसभा के गेट पर वह विधायक से अभद्रता करे. उन्होंने कहा कि किसी भी विधायक को विधानसभा में कोई भी मुद्दा उठाने का अधिकार है. वास्तव में विधायक की मर्यादा का हनन हुआ.

कांग्रेस विधायक दल के नेता मोहम्मद सोहराब व कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक डॉ मानस रंजन भुईंया भी श्री घोष के पास पहुंचे तथा उनके आरोपों का पक्ष लेते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह से निरंकुश हो गयी है तथा अपने खिलाफ कोई भी आवाज नहीं सुनना चाहती है.
भाजपा के विधायक शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि वर्तमान सरकार अपने खिलाफ उठनेवाली हर आवाज को दबा देना चाहती है. लोगों को विरोध करने नहीं दिया जाता है. उन्होंने कहा कि यह केवल सिउड़ी की बात नहीं है. राज्य के हर इलाके में भ्रष्टाचार का बोल बाला है और सरकार चुप बैठी है.
पर्यावरण की रक्षा के लिए इको सिस्टम बोर्ड का गठन
पर्यावरण की रक्षा के लिए बुधवार को विधानसभा में द वेस्ट बंगाल टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एंड डेवलपमेंट अमेंडमेंट बिल पेश किया गया. इस संशोधन विधेयक पर हुई बहस का जवाब देते हुए राज्य के शहरी विकास मामलों के मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण की रक्षा के लिए पर्यावरण बोर्ड का गठन होगा. पर्यावरण व्यवस्था पर नजर रखी जायेगी.
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