23 भारतीय मछुआरे सुरक्षित स्वदेश लौटे

इंजन फेल होने के बाद ट्रॉलर बहते-बहते बांग्लादेश की जल सीमा में प्रवेश कर गया

कोलकाता. लंबे इंतजार के बाद बांग्लादेश में बंदी बनाये गये 23 भारतीय मछुआरे आखिरकार स्वदेश लौट आये हैं. इनमें 14 मछुआरे पश्चिम बंगाल और नौ आंध्र प्रदेश के निवासी हैं. शनिवार को सभी मछुआरे फ्रेजरगंज मछली बंदरगाह पहुंचे, जहां प्रशासन और परिजनों ने उनका स्वागत किया.जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष 19 अक्तूबर को शुभयात्रा नामक ट्रॉलर का इंजन समुद्र के बीच खराब हो गया था. इंजन फेल होने के बाद ट्रॉलर बहते-बहते बांग्लादेश की जल सीमा में प्रवेश कर गया. इसी आरोप में बांग्लादेशी नौसेना ने सभी मछुआरों को हिरासत में ले लिया था. बाद में बागेरहाट जिला अदालत के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया, जहां वे लंबे समय से बंद थे.मछुआरों की रिहाई को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच लगातार कूटनीतिक बातचीत चल रही थी. अंततः दोनों देशों के बीच सहमति बनने के बाद अंतरराष्ट्रीय जल सीमा में मछुआरों की अदला-बदली की प्रक्रिया पूरी की गयी. इस दौरान दोनों देशों के तटरक्षक बल की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई की गयी.भारत की ओर से फ्रेजरगंज से 115 बांग्लादेशी मछुआरों को छोड़ा गया, जबकि बांग्लादेशी तटरक्षक बल ने 23 भारतीय मछुआरों को अंतरराष्ट्रीय जल सीमा तक पहुंचाया. वहां से भारतीय तटरक्षक बल ने उन्हें अपने संरक्षण में लिया.फ्रेजरगंज बंदरगाह पर काकद्वीप के उपजिलाधिकारी प्रीतम साहा, पुलिस और तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

उनकी निगरानी में मछुआरों को उनके परिवारों के सुपुर्द किया गया. घर लौटने पर मछुआरों और उनके परिजनों में खुशी की लहर देखी गयी. मछुआरों ने सुरक्षित वापसी के लिए सरकार और प्रशासन के प्रति आभार जताया.

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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