कोलकाता में तीनों संघों की एक साथ कलश स्थापना

कोलकाता : श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन उपवन मंदिर, बेलगछिया के प्रांगण में विश्व के महान संत, 27 लाख जन समूह को व्यसन मुक्त व शाकाहारी बनाने वाले परमपूज्य गणाचार्य श्री 108 विरागसागरजी महाराज, परमपूज्य आचार्य श्री 108 सुबलसागरजी महाराज एवं परम पूज्य मुनिश्री 108 सुपार्श्वसागरजी महाराज ससंघ 61 पिच्छियों की एक साथ श्री दिगम्बर जैन […]

कोलकाता : श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन उपवन मंदिर, बेलगछिया के प्रांगण में विश्व के महान संत, 27 लाख जन समूह को व्यसन मुक्त व शाकाहारी बनाने वाले परमपूज्य गणाचार्य श्री 108 विरागसागरजी महाराज, परमपूज्य आचार्य श्री 108 सुबलसागरजी महाराज एवं परम पूज्य मुनिश्री 108 सुपार्श्वसागरजी महाराज ससंघ 61 पिच्छियों की एक साथ श्री दिगम्बर जैन मुनिसंघ व्यवस्था समिति (उपसमिति) के तत्वावधान में चातुर्मासिक कलश स्थापना सानन्द संपन्न हुआ.

इस अवसर पर प.पू. गणाचार्यश्री 108 विरागसागरजी महाराज ने धर्मसभा में कहा- साधुजन जीव रक्षा के प्रबल ध्येय से चातुर्मास करते हैं.इसी क्रम में आचार्यश्री 108 सुबलसागरजी महाराज ने बताया कि हमें तो यहां से अन्यत्र जाना था, परन्तु एक ऐसा योग मिला कि हमें परमपूज्य गणाचार्य श्री 108 विरागसागरजी महाराज का सान्निध्य प्राप्त हो गया. यह चातुर्मास निश्चित ही हमें उपलब्धि प्रदान करेगा.
मुनिश्री पार्श्वसागरजी मराहाज ने कहा यह चातुर्मास मेरी दीक्षाकाल में 13 वें नंबर का है तथा आचार्यश्री सुबलसागरजी महाराज का नौवां चातुर्मास है तथा प.पू. गणाचार्य श्री 108 विरागसागरजी महाराज का 39वां चातुर्मास है. इस सबका योग 61 होता है और इस चातुर्मास में कोलकाता वासियों को गणाचार्यश्री 108 विरागसागरजी महाराज के आने से अनायास ही 61 पिच्छियां प्राप्त हो गयी हैं.
यह चातुर्मास संपूर्ण कोलकाता वासियों को मंगल स्वरुप देगा. चातुर्मास कलश स्थापना के इस पावन प्रसंग पर कार्यक्रम को मंगल रुप प्रदान करने हेतु महिला मंडलों द्वारा मंगल गीत तथा बालिकाओं ने भक्ति नृत्य प्रस्तुत किया.
इस अवसर पर मंगल चित्र अनावरण सुधीर जैन, अनंत जैन व कमेटी के पदाधिकारियों ने किया. दीप प्रज्जवलनकर्ता का सौभाग्य दीपचंद -सरला देवी, सनत सुधीर छाबड़ा, कोलकाता तथा मंगल आरती धर्मचंद -सलोचना देवी, पकंज , प्रवीण मोदी कोलकाता द्वारा किया गया. प्रथम कलश स्थापना कर्ता का एवरग्रीन होजयरी के लालचंद, निर्मल -पुष्पा बिन्दायका, कोलकाता को प्राप्त हुआ तथा द्वितीय कलश स्थापना कर्ता कोलकाता के पवन कुमार, मनीष कुमार-मीनू, भरत-सारिका गंगवाल, तृतीय कलश स्थापन कर्ता बंगवासी-हावड़ा के संतोष कुमार-मंजू देवी, धीरज-रीना, तृषा एवं कनिष्ठ सेठी परिवार, चतुर्थ कलश स्थापना कर्ता डीमापुर-कोलकाता-मुंबई के पवन कुमार-पाना देवी, विनय, विकास, विवेक, विशाल सेठी, पंचम कलश स्थापनकर्ता बोली द्वारा सुमेरमल-नर्वदा देवी चूड़ीवाल चौरंगी, कोलकाता को एवं षष्टम कलश श्रेयांशगिरी कलश के रुप में इंदरचंद-शांतिदेवी, प्रमोद-माया, पवन-कविता, मनीष-लवली, पंकज-निधि पाटोदी परिवार एवं सप्तम विराग उदय कलश स्थापन कर्ता का सौभाग्य बोली द्वारा मंजू देवी पाटनी परिवार, चौरंगी -कोलकाता को हुआ.
गणाचार्यश्री 108 विरागसागरजी महाराज का पाद प्रक्षालण रतनलाल अशोक कुमार सेठी परिवार, आचार्य श्री 108 सुबलसागरजी का पाद प्रक्षालण विनोद कुमार जैन, अभिषेक जैन (भोपाल), देवेंद्र जैन (अखिदिया) व अरविंद जैन (आस्थान) तथा मुनिश्री 108 सुपार्श्वसागरजी महाराज का पाद प्रक्षालण श्रीमती एवं संजय जैन (एटा) ने किया.
शास्त्र भेंट गणाचार्यश्री 108 विरागसागरजी महाराज को राजकुमार -ज्ञाना देवी सेठी, आचार्य श्री 108 सुबलसागरजी मराहाज को बीरेंद्र जैन, कमलेश जैन (ग्वालियर) तथा मुनिश्री 108 सुपार्श्वसागरजी महाराज को बा. ब्र. शुभम भैया एवं बा. ब्र. राजू भैया द्वारा किया गया.
श्री दिगम्बर जैन मुनिसंघ व्यवस्था समिति (उपसमिति) के प्रचार मंत्री नवनीज बज ने बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु श्री दिगम्बर जैन मुनिसंघ व्यवस्था समिति (उपसमिति) के अध्यक्ष सुमेरमल चूड़ीवाल, कार्याध्यक्ष सुरेश सेठी (कानकी), स्वागताध्यक्ष महावीर गंगवाल, महामंत्री अशोक पांड्या, संयुक्त महामंत्री मनीष गंगवाल, मंत्री दयाचंद बड़जात्या, कोषाध्यक्ष संजय काला (इस्पात), सुरक्षा मंत्री सुरेंद्र जैन, राजेश काला, सत्येंद्र जैन, विनोद ठोल्या, अशोक सेठी, सुरेश पाटनी, पीयूष रारा, संदीप काला, धनराज छाबड़ा, वीरू बड़जात्या, संजय लुहारिया, निरंजन बाकलीवाल, विशाल जैन, कार्यकर्ता सदस्यगण एवं सकल दिगम्बर जैन समाज कोलकाता एवं वृहत्तर कोलकाता समाज के श्रावक-श्राविकाओं का सक्रिय सहयोग रहा. मंच का कुशल संचालन दिनेश दगड़ा ने किया.

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