कोलकाता : पार्टी बदलने पर भी जीत नहीं पायेंगी मौसम : सोमेन

कोलकाता : कांग्रेस सांसद मौसम बेनजीर नूर के तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के संबंध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्रा ने कहा कि कांग्रेस का हाथ छोड़कर मौसम नूर चुनाव जीत नहीं सकेंगी. गौरतलब है कि 2011 के बाद से कई कांग्रेस विधायक तृणमूल में शामिल हुए हैं. लेकिन इस सूची में कोई सांसद […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

कोलकाता : कांग्रेस सांसद मौसम बेनजीर नूर के तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के संबंध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्रा ने कहा कि कांग्रेस का हाथ छोड़कर मौसम नूर चुनाव जीत नहीं सकेंगी. गौरतलब है कि 2011 के बाद से कई कांग्रेस विधायक तृणमूल में शामिल हुए हैं. लेकिन इस सूची में कोई सांसद नहीं था. अब मालदा उत्तर केंद्र की सांसद मौसम नूर ने तृणमूल का दामन थाम लिया है.

संवाददाताओं से बातचीत में श्री मित्रा ने कहा कि मौसम नूर के पार्टी छोड़ने से दलीय संगठन को कोई नुकसान नहीं होगा. लेकिन दिवंगत गनी खान चौधरी परिवार का कोई दल छोड़ता है, तो मानसिक तौर पर दुख होता है. उन्होंने कहा कि मालदा उत्तर की सांसद मौसम नूर ने कांग्रेस छोड़कर तृणमूल का दामन थामा है, इससे भाजपा को ही लाभ मिलेगा.

लेकिन इस केंद्र से कांग्रेस उम्मीदवार को ही जीत मिलेगी. श्री मित्रा का कहना है कि मौसम नूर कांग्रेस छोड़ देंगी, यह क्रमश: स्पष्ट हो रहा था. इसलिए उम्मीदवार के तौर पर सांसद हाशेम खान के बेटे ईशा खान को तैयार रखा गया है.

उन्होंने कहा कि यह समझते हुए कि आगामी लोकसभा चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और तृणमूल के बीच कोई चुनावी समझौता और गठबंधन नहीं होनेवाला है, मौसम नूर ने पार्टी छोड़ी है. मौसम नूर से राज्य कांग्रेस और अखिल भारतीय कांग्रेस के उच्च नेतृत्व ने कई बार बात की थी और कांग्रेस नहीं छोड़ने को कहा था. लेकिन हर बार उन्होंने सूचित किया कि वह (मौसम नूर) नहीं छोड़ रही हैं. वास्तव में, उन्होंने (मौसम नूर) पार्टी नेतृत्व और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बड़ा विश्वासघात किया है.
श्री मित्रा ने कहा कि खुद उन्होंने सुबह उन्हें फोन किया था, लेकिन मौसम ने कहा कि वह व्यक्तिगत कार्यों की वजह से व्यस्त हैं, इसलिए बात नहीं कर सकेंगी. बाद में फोन करेंगी. लेकिन उन्होंने फोन ही नहीं किया. सोमेन ने कि वह मानते हैं कि उनके पार्टी छोड़कर जाने से मालदा में कांग्रेस को कोई राजनीतिक नुकसान नहीं होगा.
इस बीच, मालदा (उत्तर) लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में बरकत गनीखान चौधरी के परिवार से ही प्रतिनिधि ईशा खान चौधरी का नाम पहले ही कांग्रेस कांग्रेस द्वारा तय कर लिया गया है और मालदा जिला कांग्रेस के नये अध्यक्ष की तलाश की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.
मौसम नूर ने अपने मामा बरकत गनीखान चौधरी के वंश की प्रतिनिधि थीं, इसलिए पार्टी के साथ इतना बड़ा विश्वासघात करके उन्होंने दिवंगत चौधरी साहब का अपमान करने के अलावा और कुछ नहीं किया है. गनीखान चौधरी अपने असंतोष के बावजूद कांग्रेस के आदर्शों में विश्वास करते थे. कांग्रेस को विश्वास है कि आगामी लोकसभा चुनाव में मालदा के लोग इस अपमान का जवाब देने में सक्षम होंगे.
उल्लेखनीय है कि सोमवार शाम राज्य सचिवालय नबान्न में राज्य के परिवहन व पर्यावरण मंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ पहुंचकर कांग्रेस सांसद मौसम बेनजीर नूर ने तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया था. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उपस्थिति में उन्होंने तृणमूल में जाने की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि वह ममता बनर्जी के कार्यों से प्रभावित हैं और उन्हीं के निर्देश पर राज्य में काम करेंगी.
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