मुफ्त स्टेंट ना मिलने की घटना से सीएम दुखी

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल में यहां के एक अस्पताल के कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने के चलते ऑपरेशन के लिए मुफ्त स्टेंट ना मिलने पर एक मरीज की मौत को लेकर दुख जताया है.गुरुवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यहां के नजरूल मंच में आयोजित पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल में यहां के एक अस्पताल के कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने के चलते ऑपरेशन के लिए मुफ्त स्टेंट ना मिलने पर एक मरीज की मौत को लेकर दुख जताया है.गुरुवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यहां के नजरूल मंच में आयोजित पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में कहा कि वह सरकारी अस्पताल में जरूरी इलाज ना मिलने के कारण मरीज के मरने की घटना से काफी दुखी हैं. वह 27 अप्रैल को हुई 23 साल के अमित मंडल की दुखद मौत की घटना की तरफ संकेत कर रही थीं. अमित मंडल ब्रेन अन्यूरिज्म बीमारी से ग्रस्त था.
इस बीमारी में मस्तिष्क की रक्तवाहिका में सूजन आ जाती है. अस्पताल के एक कर्मचारी ने मुफ्त स्टेंट के लिए जरूरी कागजी काम पूरा करने के लिए रिश्वत मांगी थी और इस वजह से मुफ्त स्टेंट हासिल करने की जरूरी प्रक्रिया 90 से ज्यादा दिनों तक खींच गयी. राज्य के सरकारी अस्पतालों में इलाज करानेवाले मरीजों को स्टेंट मुफ्त में दिये जाते हैं, लेकिन उसकी कीमत चार लाख रुपये से ज्यादा होने पर मरीज की फाइल को मंजूरी के लिए ‘स्वास्थ्य भवन’ भेजना होता है. घटना के सामने आने के बाद कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया गया.
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के पास स्वास्थ्य विभाग का भी प्रभार है. उन्होंने कहा कि मैं घटना से काफी दुखी हूं. जब सरकार मुफ्त इलाज मुहैया करा रही है, तब एक व्यक्ति के रिश्वत मांगने से किसी गरीब मरीज की फाइल क्यों अटकी रही. मुख्यमंत्री ने दुख जताया कि इस तरह के केवल एक प्रतिशत लोगों के चलते सरकार, स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों का नाम बदनाम हो रहा है. बांगड़ इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज के स्टोरकीपर पलाश दत्ता ने सात लाख रुपये की कीमत के स्टेंट के संबंध में मंजूरी की खातिर कागजी काम पूरा करने के लिए अमित मंडल परिवार से कथित रूप से तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी.
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