18 जून को टैक्सी हड़ताल व परिवहन भवन अभियान

कोलकाता : एटक समर्थित वेस्ट बंगाल टैक्सी ऑपरेटर्स को-आर्डिनेशन कमेटी (एटक) तथा वेस्ट बंगाल टैक्सी वर्कर्स फेडरेशन (सीटू) ने संयुक्त रूप से टैक्सी किराया व वेटिंग शुल्क वृद्धि, टैक्सी चालकों पर पुलिस जुल्म, 15 वर्ष पुरानी रद्द टैक्सी के परमिट के पुन:नवीकरण व ओला और उबेर के किराया नियंत्रण सहित विभिन्न मुद्दों पर 18 जून […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
कोलकाता : एटक समर्थित वेस्ट बंगाल टैक्सी ऑपरेटर्स को-आर्डिनेशन कमेटी (एटक) तथा वेस्ट बंगाल टैक्सी वर्कर्स फेडरेशन (सीटू) ने संयुक्त रूप से टैक्सी किराया व वेटिंग शुल्क वृद्धि, टैक्सी चालकों पर पुलिस जुल्म, 15 वर्ष पुरानी रद्द टैक्सी के परमिट के पुन:नवीकरण व ओला और उबेर के किराया नियंत्रण सहित विभिन्न मुद्दों पर 18 जून को 24 घंटे की टैक्सी हड़ताल व परिवहन भवन अभियान का आह्वान किया है.
सोमवार को एटक कार्यालय स्थित टैक्सी यूनियन के कार्यालय में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में वेस्ट बंगाल टैक्सी ऑपरेटर्स को-आर्डिनेशन कमेटी (एटक) के संयोजक व नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (एटक) के सचिव नवल किशोर श्रीवास्तव, कोलकाता टैक्सी ऑपरेटर्स यूनियन (एटक) के कार्यकारी अध्यक्ष अवनीश शर्मा, महासचिव मुनेश्वर वर्मा, उपाध्यक्ष अरुप मंडल व वेस्ट बंगाल टैक्सी वर्कर्स फेडरेशन (सीटू) के संयुक्त सचिव प्रमोद झा, संयुक्त सचिव देवांशु नंदी तथा शंकर बोस ने घोषणा की. श्री श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले छह वर्षों से टैक्सी किराया नहीं बढ़ा है, जबकि पेट्रोल व डीजल की कीमत कई गुणा बढ़ गयी है. पीली टैक्सी उद्योग संकट में है. टैक्सी चालकों पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं.
पुलिस जुल्म कर रही है, लेकिन सरकार उदासीन है. ऐसी स्थिति में उन लोगों के पास बृहत्तर आंदोलन के सिवा कोई विकल्प नहीं है. वे लोग 12 जून तक सरकार के फैसले का इंतजार करेंगे. यदि सरकार ने कोई फैसला नहीं किया, तो 18 जून को 24 घंटे के टैक्सी हड़ताल के लिए बाध्य होंगे. उन्होंने कहा कि पहले यह हड़ताल 14 मई को बुलायी गयी थी, लेकिन पंचायत चुनाव व रमजान के कारण इसे 18 जून करने का निर्णय किया गया है.
वेस्ट बंगाल टैक्सी वर्कर्स फेडरेशन (सीटू) के संयुक्त सचिव प्रमोद झा ने कहा कि 15 वर्ष पुरानी टैक्सियों की परमिट रद्द कर दी जा रही है और ओला और उबेर को लाइसेंस दिया जा रहा है. उन्होंने मांग की कि जिस तरह से राज्य सरकार ओला व उबेर के लिए गतिधारा में 1 लाख रुपये की मदद देती है. टैक्सी चालकों को भी यह मदद दी जाये.
कोलकाता टैक्सी ऑपरेटर्स यूनियन (एटक) के कार्यकारी अध्यक्ष अवनीश शर्मा ने कहा कि यह पीली टैक्सी उद्योग के लिए जीवन व मरण का सवाल है. उन्होंने सभी टैक्सी चालकों व मालिकों से एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया. इसके साथ ही अन्य टैक्सी संगठनों से भी आंदोलन में शामिल होने की अपील की.
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