विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लायेगा विपक्ष

कोलकाता : शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, राजाबाजार साइंस कॉलेज के प्रोफेसर भास्कर दास के साथ मारपीट करनेवाले छात्र के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के पक्ष में हैं. उनका कहना है कि आरोपी छात्र के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए की वह दूसरों के लिए मिसाल बने. विधानसभा में पीड़ित प्रोफेसर के साथ मुलाकात करने के […]

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कोलकाता : शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, राजाबाजार साइंस कॉलेज के प्रोफेसर भास्कर दास के साथ मारपीट करनेवाले छात्र के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के पक्ष में हैं. उनका कहना है कि आरोपी छात्र के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए की वह दूसरों के लिए मिसाल बने. विधानसभा में पीड़ित प्रोफेसर के साथ मुलाकात करने के बाद मंत्री ने कहा कि शिक्षक से मारपीट मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गयी तो उच्चशिक्षा की रीढ़ ही टूट जाएगी. प्रोफेसर दास ने घटना का पूरा ब्योरा दिया है. साथ ही आरोपी छात्र की कैंसर पीड़ित मां और उसके भविष्य को देखते कहा कि सजा इतनी कड़ी ना हो कि उसका भविष्य खराब हो जाए.

बेहतर यही होगा कि आरोपी छात्र को दो साल तक विश्वविद्यालय परिसर में घुसने नहीं दिया जाय. हालांकि इस मामले में शिक्षा मंत्री कुछ नहीं कर सकते, क्योंकि पूरा मामला विश्वविद्यालय के अधीन है. वह विवि प्रबंधन से इस बाबत बात करेंगे. ज्ञात हो कि बीटेक में फेल छात्रों को पास कराने की मांग लेकर आरोपी छात्र गौरव दत्त ने शिक्षक भास्कर दास के दफ्तर में उनके साथ मारपीट की थी. प्रोफेसर ने इसकी शिकायत विश्वविद्यालय प्रबंधन से की थी. साथ ही अम्हर्स्ट स्ट्रीट थाना में मामला भी दर्ज कराया थी, जिसकी कॉपी शिक्षा मंत्री को भी दी थी.
कोलकाता. विपक्षी कांग्रेस और वाममोर्चा ने कथित रूप से सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के प्रति झुकाव रखने के लिए पश्चिम बंगाल के विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया है.
विपक्ष के नेताओं ने मंगलवार को संयुक्त रूप से यह जानकारी दी. उन्होंने श्री बनर्जी पर विपक्षी दलों को बोलने के लिए पर्याप्त समय नहीं देने का आरोप लगाया है. विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक अब्दुल मन्नान ने कहा कि कई बार विपक्ष को बोलने से मना किया गया या कोई महत्वपूर्ण मुद्दा उठाने से रोका गया. उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए और सत्तारूढ़ दल के प्रति झुकाव नहीं रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि विधानसभा को एक पत्र सौंपा जायेगा.
श्री मन्नान के अनुसार विपक्ष शीतकालीन सत्र में अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहता था, लेकिन तकनीकी त्रुटियों का हवाला देते हुए इसकी अनुमति नहीं दी गयी. माकपा नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि कांग्रेस तथा वाममोर्चा ने कई बार राज्य विधानसभा में बुलायी गयी सर्वदलीय बैठकों का बहिष्कार किया है, क्योंकि तृणमूल विपक्ष को जरूरी महत्व नहीं देती. इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष और हमारे खिलाफ लगाये गये आरोप निराधार और हास्यास्पद हैं. उनकी (विपक्ष की) दिलचस्पी बैठकों में शामिल होने की नहीं बल्कि सिर्फ ड्रामा में है. विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी प्रतिक्रिया देने के लिए उपलब्ध नहीं थे.
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