विरोधी शून्य भाषा लोकतांत्रिक नहीं

सांगठनिक. राज्य सरकार की नीतियों से राज्य में सांप्रदायिकता को मिल रहा बढ़ावा सीपीआई का दोदिवसीय बर्दवान जिला सम्मेलन शुरू, हुयी सभा जिले के विभिन्न इलाकों से चार सौ से अधिक प्रतिनिधि हैं शामिल आसनसोल : सीपीआई का 26 वां दोदिवसीय जिला सम्मेलन शनिवार को गुजराती भवन में शुरू हुआ. सम्मेलन का शुभारंभ शहीद बेदी […]

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सांगठनिक. राज्य सरकार की नीतियों से राज्य में सांप्रदायिकता को मिल रहा बढ़ावा

सीपीआई का दोदिवसीय बर्दवान जिला सम्मेलन शुरू, हुयी सभा
जिले के विभिन्न इलाकों से चार सौ से अधिक प्रतिनिधि हैं शामिल
आसनसोल : सीपीआई का 26 वां दोदिवसीय जिला सम्मेलन शनिवार को गुजराती भवन में शुरू हुआ. सम्मेलन का शुभारंभ शहीद बेदी पर अमर शहीदों को माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि के साथ किया गया. सीपीआई के राज्य सचिव प्रबोध पांडा, पूर्व सांसद सह जिला सचिव आरसी सिंह, प्रभात राय आदि ने शहीद बेदी पर माल्यार्पण कर शहीदों को स्मरन किया. सम्मेलन में देश की वर्तमान स्थिति एवं राज्य में शासक दल के नीतियों पर गहन चिंतन किया गया.
सीपीआई के राज्य सचिव श्री पांडा ने कहा कि पूरे देश की स्थिति विशेष कर पश्चिम बंगाल की स्थिति काफी चिंताजनक है. साप्रदायिकता को प्रश्रय दिया जा रहा है. राज्य की तृणमूल सरकार भाजपा के साथ दिखावे की लडाई लड़ रही है. राज्य की सुप्रीमो विरोधी शून्य राज्य की बात कहती हैं. यह गणतंत्र की भाषा नहीं है. राज्य में किसानों की स्थिति दयनीय है. कृषकों की दशा सबसे आशंकाजनक है. उन्हें उनके फसल का उचित मूल्य नहीं दिया जा रहा है.
राज्य की दुर्नीतियों एवं उपेक्षित रवैये के कारण सिर्फ बर्दवान से सौ से अधिक किसानों ने आत्महत्या की है. पूर्व सांसद श्री सिंह ने कहा कि देश भर में कल कारखाने बंद हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि साठ के दशक में एक समय था जब देश भर से लोग रोजगार की तलाश में बंगाल आते थे. यहां के कारखानों में बिहार, यूपी, झारखंड के लोग काम करते थे. परंतु अब यहां के मूल निवासी ही रोजगार की तलाश में राज्य को छोड कर अन्य राज्यों की और पलायन को विवश हैं.
सरकार की गलत नीति के कारण विगत छह वर्षो में राज्य के अधिकांश कल कारखाने बंद हो गये हैं. भारत में सर्वाधिक बेरोजगारी पश्चिम बंगाल में है. 10 करोड़ की आबादी वाले राज्य में एक करोड लोग बेरोजगारी के शिकार हैं. शासक दल की नीतियों से त्रस्त उद्यमी भी अब बंगाल में कारखाने लगाने से परहेज कर रहे हैं. उन्होंने कहा राज्य में एक मात्र वाम ही विकल्प है. जल्द ही राज्य में वामदलों की वापसी होगी. अनिल सिंह, जीएस ओझा, सिंचन बनर्जी, रवि ठाकुर, कृष्णा गांगुली, पार्षद कविता यादव, शैलेन्द्र सिंह, राजेश सिंह, मनोज सिंह, अमर सिंह, गोविंद राउत आदि उपस्थित थे.
जिला सम्मेलन में पूरे जिले से चार सौ प्रतिनिधि शामिल है. जिला सचिव श्री सिंह ने राजनीतिक, सांगठनिक प्रतिवेदन पेश किया. इस पर प्रतिनिधियों ने चर्चा शुरू क ी. रविवार को कमेटी गठन के साथ इसका समापन होगा.
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