कोलकाता : तेरह मुसलिम छात्र-छात्राओं ने जीता गीता चिंतन प्रतियोगिता
कोलकाता : महानगर की संस्थान शंखनाद समरसता मिशन की ओर से आयोजित गीता चिंतन प्रतियोगिता में कुल 286 छात्रों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार दिया गया है और इन 286 छात्रों में 13 मुसलिम छात्र भी शामिल हैं. उत्तर 24 परगना जिले के सोदपुर स्थित लोक संस्कृत भवन में आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्घाटन […]
ByPrabhat Khabar Digital Desk|
कोलकाता : महानगर की संस्थान शंखनाद समरसता मिशन की ओर से आयोजित गीता चिंतन प्रतियोगिता में कुल 286 छात्रों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार दिया गया है और इन 286 छात्रों में 13 मुसलिम छात्र भी शामिल हैं. उत्तर 24 परगना जिले के सोदपुर स्थित लोक संस्कृत भवन में आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्घाटन त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत राय ने किया.
राज्यपाल तथागत राय ने संस्थान के इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिता से छात्रों के बीच भगवद गीता के उपदेशों को पहुंचाया जा सकेगा. गौरतलब है कि इस प्रतियोगिता में हावड़ा, हुगली, उत्तर व दक्षिण 24 परगना जिले के 65 स्कूलों से 4000 छात्रों ने हिस्सा लिया और इन 4000 छात्रों में से 286 छात्रों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया है और इन 286 छात्रों में 13 मुसलिम छात्र भी शामिल हैं. शंखनाद समरसता मिशन के सचिव बालकृष्ण लुंडिया ने कहा कि उन्हें भी ऐसी उम्मीद नहीं थी कि इस कार्यक्रम में चार हजार छात्र हिस्सा लेंगे. यह प्रतियोगिता कक्षा एक से सात व कक्षा आठ से 12 दो श्रेणियों में आयोजित की गयी.
ऐसा पहली बार हुआ है कि जब इस प्रतियोगिता में इतनी अधिक संख्या में मुसलिम छात्रों ने हिस्सा लिया है. प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करनेवाले छात्रों में कमरुन निशा (कक्षा आठ, प्रथम स्थान), नफीसा खातून (कक्षा आठ, द्वितीय स्थान), अलीशा परवीन (कक्षा 12, प्रथम स्थान), ओसमानिया परवीन (कक्षा 12, द्वितीय स्थान), यासमीन खातून (कक्षा 10, तृतीय स्थान), मसकरा खातून (कक्षा सात, तृतीय स्थान), अकीशा खातून (कक्षा छह, तृतीय स्थान), अर्शिदा खातून (कक्षा नौ, प्रथम स्थान), तजमीरा खातून (कक्षा 10, द्वितीय स्थान), मुसकान खातून (कक्षा 10, तृतीय स्थान), नूरजहां खातून (कक्षा आठ, तृतीय स्थान), फरहान अख्तर (कक्षा आठ, प्रथम स्थान) और नजरीन खातून (कक्षा नौठ, तृतीय स्थान) शामिल हैं.
इस मौके पर कलकत्ता यूनिवर्सिटी के संस्कृत विभाग के पूर्व प्रमुख सीतानाथ गोस्वामी ने कहा कि किसी को भी इसे लेकर कोई विवादित बात नहीं कहनी चाहिए, क्योंकि गीता हम सभी के लिए काफी आवश्यक है, विशेष कर स्कूली छात्रों को. इसलिए किसी को भी भगवद गीता के नाम पर राजनीति करने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि यह हमें भाईचारा सिखाता है.
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