बोलपुर.
शांतिनिकेतन स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय विश्वभारती के इतिहास में पहली बार ऐसी अधिसूचना जारी हुई है, जिसे लेकर हंगामे के आसार पैदा हो गये हैं. विश्वभारती के रवींद्र भवन संग्रहालय और आश्रम परिसर में निःशुल्क प्रवेश पर एक अधिसूचना जारी की गयी है, जिसे लेकर विवाद पैदा होता दिख रहा है. मिली जानकारी के मुताबिक इस अधिसूचना में देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर आसीन महानुभावों के नाम शामिल किये जाने से विश्वविद्यालय प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है. विश्वभारती के कार्यकारी सचिव के हवाले से जारी अधिसूचना में लिखा गया है कि 106 अति विशिष्टजनों को रवींद्र भवन संग्रहालय और विश्वभारती परिसर में पूर्ण निःशुल्क प्रवेश की अनुमति होगी. इस सूची में राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम शामिल किये गये हैं. यह अधिसूचना कुलपति प्रबीर कुमार घोष की अनुमति से कार्यकारी सचिव विकास मुखोपाध्याय के हस्ताक्षर से जारी हुई है. इसे लेकर परिसर में गरमागरम बहस का दौर चल पड़ा है.विश्वभारती के कार्यवाहक जनसंपर्क अधिकारी अतिग घोष ने कहा कि यह व्यवस्था संविधान के अंतर्गत आती है और केवल वीवीआईपी के लिए लागू होगी. उल्लेखनीय है कि 17 सितंबर 2023 को यूनेस्को ने विश्वभारती को विश्व धरोहर घोषित किया था. इसके बाद नए पर्यटकों के लिए टिकट व्यवस्था के साथ ‘हेरिटेज वॉक’ शुरू किया गया था.
