खास बातें
Delhi University Professor Devasmita Pal Murder: दिल्ली से पश्चिम बंगाल के बर्धमान तक को दहला देने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की सहायक प्रोफेसर देवस्मिता पाल हत्याकांड की गुत्थी सुलझ गयी है. मर्डर के 72 घंटों के भीतर केस सॉल्व करते हुए पुलिस ने बर्धमान से एक दंपती को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, इस दंपती ने प्रोफेसर की हत्या करने के लिए 1400 किलोमीटर का सफर तय किया.
बर्धमान से पकड़ा गया किरायेदार दंपती
पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपियों ने न केवल वारदात को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया, बल्कि किसी को शक न हो, इसके लिए वे अपने मासूम बच्चे को ढाल बनाकर साथ ले गये थे. पुलिस ने आखिरकार रविवार को दबिश देकर दोनों को बर्धमान से धर दबोचा.
फ्लैट का नजारा देख कांप गयी बहन की रूह
गुरुवार को पूर्वी दिल्ली के पॉश इलाके बसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट के एक फ्लैट से जब देवस्मिता पाल का रक्तरंजित शव बरामद हुआ, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. देवस्मिता की बहन देबारती लगातार अपनी बहन को फोन कर रही थीं. बार-बार कॉल करने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला, तो घबराकर वह फ्लैट में पहुंचीं. बाहर से ताला बंद देख दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर देवस्मिता की लाश पड़ी थी.
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हमलावर ने क्रूरता की सारी हदें पार की
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि प्रोफेसर के सिर पर किसी भारी चीज से गंभीर वार किये गये थे और उनके हाथ की नस भी कटी हुई थी. फ्लैट से कोई भी कीमती सामान, गहने या नकदी गायब नहीं थे. इसी सुराग ने जांचकर्ताओं को साफ कर दिया कि वारदात चोरी या लूट के इरादे से नहीं, बल्कि एक बेहद ठंडे दिमाग से रची गयी निजी दुश्मनी का नतीजा है.
दिल्ली में अकेले रहती थीं प्रो पाल
देवस्मिता पाल दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज में सहायक प्रोफेसर थीं. दिल्ली में वह अकेले रहती थीं. वर्ष 2022 से उनका अपने पति के साथ तलाक का मुकदमा चल रहा था, जो बेंगलुरु में रहते हैं. पुलिस ने शुरुआत में पति से भी लंबी पूछताछ की, लेकिन असली मोड़ तब आया, जब बर्धमान में मौजूद देवस्मिता की पैतृक संपत्ति का कनेक्शन सामने आया.
मकान पर कब्जा करने की थी नीयत
गिरफ्तार दंपती बर्धमान में देवस्मिता के पैतृक मकान में लंबे समय से किरायेदार के रूप में रह रहा था. देवस्मिता लगातार मकान खाली करने का दबाव बना रही थीं, जबकि दंपती बेशकीमती संपत्ति को हड़पने का ताना-बाना बुन रहा था. इसी विवाद ने इतनी बड़ी खूनी साजिश का रूप ले लिया.
सीसीटीवी और ड्राइवर ने खोली पोल
इस ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी को सुलझाने में सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और दिल्ली पुलिस की टेक्निकल सर्विलांस सबसे बड़ी मददगार साबित हुई. अपार्टमेंट के कैमरों की फुटेज खंगालने पर पुलिस को संदिग्ध दंपती नजर आया, जो पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर मास्क लगाये थे. लिफ्ट की बजाय वे सीढ़ियों से सीधे 7वीं मंजिल पर प्रोफेसर के फ्लैट पहुंचे.
Delhi University Professor Devasmita Pal Murder: आधे घंटे का खेल और बदले हुए कपड़े
दोनों करीब आधे घंटे तक फ्लैट के अंदर रहे. पुलिस का दावा है कि हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों ने सबूत मिटाने के लिए अपने खून से सने कपड़े बदले और नीचे खड़ी एक कार में बैठकर रफूचक्कर हो गये. पुलिस ने सबसे पहले उस कार के ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसने इस दंपती का पूरा कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया.
4 राज्यों में छापेमारी, 200 लोगों की कुंडली खंगालने के बाद गिरफ्तारी
इस केस को क्रैक करने के लिए दिल्ली पुलिस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी. अपार्टमेंट और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की मदद से लगभग 200 लोगों की संदिग्ध गतिविधियों का बारीकी से विश्लेषण किया. इनमें से 13 सबसे बड़े संदिग्धों की एक लिस्ट तैयार कर उन पर इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस लगाया गया.
48 घंटे में 4 राज्यों में छापेमारी के बाद हुई गिरफ्तारी
पिछले 48 घंटों में दिल्ली पुलिस की 7 विशेष टीमों ने कुल 4 राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी की और रविवार को बर्धमान से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक, आरोपी हत्या में इस्तेमाल हथियार भी अपने साथ बर्धमान से ही लेकर दिल्ली पहुंचे थे, जिससे साफ है कि यह एक ‘प्री-प्लान्ड’ मर्डर था.
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