निष्क्रिय पड़े एफपीओ में जान डालने की पहल, किसानों और बैंक को होगा आर्थिक फायदा

क्षेत्र के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और कृषि व्यवसाय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रानीगंज कोऑपरेटिव बैंक के सभागार में एक सभा का आयोजन किया गया.

रानीगंज.

क्षेत्र के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और कृषि व्यवसाय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रानीगंज कोऑपरेटिव बैंक के सभागार में एक सभा का आयोजन किया गया. नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के रीजनल डायरेक्टर निरंजन सिन्हा के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में रानीगंज में निष्क्रिय पड़े एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) को फिर से सक्रिय करने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ.

पश्चिम बर्दवान में सफलता का मॉडल

निरंजन सिन्हा ने बताया कि जिले में निर्धारित 5 एफपीओ के लक्ष्य में से बाराबनी, जामुड़िया, अंडाल और पांडेश्वर में संगठन सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं और पूरे राज्य में कुल 87 एफपीओ सक्रिय हैं. उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि रानीगंज में रजिस्ट्रेशन के बावजूद यह कार्यरत नहीं है. इसे पूर्ण रूप से शुरू करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी इस सभा में शामिल हुए.

सदस्यों और बैंक को मिलनेवाले लाभ

एफपीओ से जुड़ने वाले सदस्यों और बैंक के लिए आकर्षक प्रावधानों की जानकारी दी गई जिनमें सदस्य बनने पर 2000 तक की जमा राशि के बराबर मैचिंग ग्रांट और वार्षिक लाभ में हिस्सेदारी. मैनेजमेंट कोर्स के लिए 18 लाख और अन्य मदों में 15 लाख की राशि का प्रावधान. क्लस्टर बेस्ड बिजनेस ऑर्गनाइजेशन बनने पर बैंक को बड़ा फंड, ऑफिस यूटिलिटी, मासिक किराया और अकाउंट ऑफिसर व सीईओ की सुविधा मिलेगी.

सभा की अध्यक्षता कर रहे रानीगंज कोऑपरेटिव बैंक के वाइस चेयरमैन श्री संदीप भालोटिया ने बताया किसदस्य बनने के लिए 18 वर्ष की आयु और रानीगंज ब्लॉक का निवासी होना अनिवार्य है.आवेदक का कृषि या कृषि आधारित व्यवसाय से जुड़ा होना जरूरी है. श्री भालोटिया ने आश्वासन दिया कि बैंक की आगामी बैठक में सभी सदस्यों की राय लेकर एफ़पीओ की कार्यविधि को गति देने का निर्णय लिया जाएगा ताकि स्थानीय लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठ सके.

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By AMIT KUMAR

AMIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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