सांकतोड़िया : कोयला उत्पादन लक्ष्य में इसीएल लगभग 20 मिलियन टन पीछे चल रहा है. इसकी भरपाई करने के लिए उत्पादन क्षमता प्रतिदिन बढ़ाए जाने पर प्रबंधन जोर दे रहा है. प्रबंधन की निगाहें राजमहल एवं सोनपुर बाजारी परियोजना पर टिकी हुई हैं. इसीएल के सीएमडी प्रेम सागर मिश्रा ने सभी खदानों का दौरा कर महाप्रबंधक के साथ बैठक कर उत्पादन बढ़ाए जाने पर जोर दे रहे हैं और सीएमडी के तकनीकी सचिव निलाद्रि राय ने कहा कि इसीएल को चालू वित वर्ष में उत्पादन लक्ष्य 53.5 मिलियन टन दिया गया है.
कोयला उत्पादन लक्ष्य से इसीएल 20 मिलियन टन पीछे
सांकतोड़िया : कोयला उत्पादन लक्ष्य में इसीएल लगभग 20 मिलियन टन पीछे चल रहा है. इसकी भरपाई करने के लिए उत्पादन क्षमता प्रतिदिन बढ़ाए जाने पर प्रबंधन जोर दे रहा है. प्रबंधन की निगाहें राजमहल एवं सोनपुर बाजारी परियोजना पर टिकी हुई हैं. इसीएल के सीएमडी प्रेम सागर मिश्रा ने सभी खदानों का दौरा कर […]

जिसमें अभी तक 33 मिलियन टन ही उत्पादन कर पाया है. अपने लक्ष्य को पाने के लिए बचे हुए तीन महीना में 20 मिलियन टन उत्पादन करना होगा, जो संभव होता नहीं दिख रहा है. हालांकि प्रबंधन ने लक्ष्य को पूरा कर लेने का दावा किया है. श्री राय ने कहा की अभी प्रतिदिन के हिसाब से उत्पादन एक लाख पैंसठ हजार टन हो रहा है. जबकि लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिदिन दो लाख बीस हजार टन के हिसाब से उत्पादन करना होगा.
पिछले वित्तीय वर्ष में 50 मिलियन टन से ज्यादा कोयला उत्पादन किया गया था. इस बार पिछले वर्ष की अपेक्षा ढाई मिलियन टन ज्यादा उत्पादन का लक्ष्य है पर प्रत्येक दिन व मासिक उत्पादन लक्ष्य में इसीएल अभी तक बीस मिलियन टन पीछे है और इसकी भरपाई करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है.
पि़छड़ने की मुख्य वजह खुली खदानें हैं. बारिश के कारण खुली खदानों में बारिश का पानी भरने से एक सप्ताह तक उत्पादन ठप रहा था. इसके बाद उत्पादन प्रक्रिया धीरे-धीरे शुरू हुई और वर्तमान में एक लाख पैंसठ हजार टन कोयला उत्पादन हो रहा है. उत्पादन बंद रहने से इसीएल पिछड़ गई. अब उत्पादन बढ़ाने का दबाव इसीएल के सीएमडी समेत अन्य सभी अफसरों पर बना हुआ है. कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी का दबाव इसीएल पर ज्यादा बना हुआ है.
जिसके कारण सीएमडी प्रेम सागर मिश्रा स्वयं लगातार खदानों का दौरा करने लगे हैं. बताया जा रहा है कि निरीक्षण के दौरान सीएमडी ने सभी महाप्रबंधक को कहा की उत्पादन बढा़ने को लेकर जो भी आवश्यक संसाधन उपलब्ध करना पड़े, उसे किया जाएगा लेकिन उत्पादन बढ़ना चाहिए. सभी ब्रेक डाउन मशीनों को चालू करने पर जोर दिया जा रहा है. इस दौरान सीएमडी ने स्थानीय अफसरों को आवश्यक निर्देश भी दिया है, ताकि उत्पादन बढ़ाया जा सके.
उनके साथ तकनीकी निदेशक संचालन सुनील कुमार झा, तकनीकी निदेशक योजना जयप्रकाश गुप्ता एवं निदेशक कार्मिक विनय रंजन भी कंपनी के उत्पादन क्षमता को बढा़ने पर जोर दे रहे हैं. संप्रेषण में इसीएल पिछले वर्ष की तुलना में .6 फीसदी का नगेटिव ग्रोथ में है. जबकि उत्पादन में 1.3 फीसदी का ग्रोथ है. इस ग्रोथ को और बढ़ाना होगा तभी लक्ष्य की प्राप्ति होगी.