रानीगंज : नगर निगम के रानीगंज बोरो कार्यालय अंतर्गत वार्ड 93 में गंदगी से लोगों का हाल बेहाल है. पूरे वार्ड में जगह-जगह कचड़ा फैला है. नालियों से ओवरफ्लो होकर बाहर बहते गंदे पानी और कचड़ों से इलाके में मच्छर का प्रकोप काफी बढ़ गया. इससे लोगों में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है. यह वार्ड ननि के मेयर परिषद सदस्य (स्वास्थ्य) दिव्येन्दु भगत का होने के बावजूद सफाई को लेकर उनके प्रति लोगों की नाराजगी खुलकर सामने आई.
सफाई पर पार्षद की उदासीनता से लोग नाराज
रानीगंज : नगर निगम के रानीगंज बोरो कार्यालय अंतर्गत वार्ड 93 में गंदगी से लोगों का हाल बेहाल है. पूरे वार्ड में जगह-जगह कचड़ा फैला है. नालियों से ओवरफ्लो होकर बाहर बहते गंदे पानी और कचड़ों से इलाके में मच्छर का प्रकोप काफी बढ़ गया. इससे लोगों में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है. […]

ग्यारह हजार आबादी वाले इस वार्ड में कुल 30 सफाई कर्मी हैं. पार्षद श्री भगत ने इलाके में कूड़ेदान की कमी और सफाईकर्मियों की सही काम नहीं करने की बात को स्वीकारते हुए दावा किया कि उनके इलाके में सफाई व्यवस्था दुरुस्त है. जमीनी हकीकत में उनका यह दावा पूर्णरूप से गलत है.
प्रशासन के द्वारा लगातार यह दावा किए जाने कि वार्ड नंबर 93 में साफ सफाई नियमित रूप से होती है. इस बात को झूठलाते नजर आती है, जगह-जगह फैला कचड़ा, नालियों का ओवर फ्लो, डस्टबिन का अभाव ,मच्छरों के भारी प्रकोप. जबकि यह वार्ड आसनसोल नगर निगम के मेयर परिषद सदस्य स्वास्थ्य दिव्येंदु भगत का वार्ड है. श्री भगत का दावा है कि इलाके में नियमित सफाई होती है, एवं 11 हजार के लगभग वोटर हैं परंतु उनका दावा खोखला नजर आ रहा है.
आंखों देखी
वार्ड नंबर 93 के अशोक पल्ली, तिवारीपाड़ा, बुजीरबांध, कीर्तनियापाड़ा में स्थित अधिकांश कूड़ेदानों की सफाई न होने से कचड़ा ओवरफ्लो होकर बाहर बिखरा पड़ा है. इस कचड़े को आवारा पशु पूरे इलाके में फैला रहे हैं. जगह-जगह कचड़े का अंबार लगा है. नालियों की नियमित सफाई न होने से अनेकों जगह नाली का पानी नाली से बाहर बह रहा है. इससे उस इलाके में भारी दुर्गंध फैली हुई है.
क्या कहते हैं स्थानीय?
बुजीरबांध की रहने वाली मंजू भौमिक ने बताया कि वार्ड पार्षद कार्यालय से मात्र 20 फुट की दूरी पर मौजूद कूड़ेदान की नियमित सफाई नहीं होती है. इस कचड़ा से फैलती बदबू के कारण वह अपने घरों की खिड़कियां नहीं खोल पाती है.
बुजीरबांध की लता सिन्हा ने बताया की कभी-कभार सफाई कर्मी आते हैं, कचरा उठाकर ले जाते हैं पर आसपास फैले कचरा को साफ सफाई नहीं करते हैं. जिससे इलाके में गंदगी पड़ी रहती है और आवारा पशु उसे चारों ओर फैला देते हैं.
बुजीरबांध की चंचला मल्लिक ने कहा कि पार्षद का दर्शन चुनाव प्रचार के दौरान ही होता है. आम दिनों में मोहल्लेवालों की सुध लेने कभी नहीं पहुंचे. दूसरे मोहल्ले से कचड़ा लाकर यहां पर फेंक दिया जाता है. गंदगी की ऐसी परिस्थिति में मुहल्ले के लोग रहने को मजबूर हैं.
अशोकपल्ली निवासी अतुल सिंह ने बताया कि मोहल्ले में जहां-तहां कचड़ा फैला है. सफाई न होने से कचड़ों में जमा प्लास्टिक उड़कर पूरे इलाके में फैल जाता है. कीटनाशक और ब्लीचिंग पावडर का छिड़काव नहीं होता है.
तिवारीपाड़ा निवासी दिलीप बहादुर ने कहा कि सिर्फ इलाके में चारों ओर जगह-जगह में कचड़ा का ढ़ेर लगा हुआ है. कचड़ा की सफाई न होने से यह मवेशियों का चारागाह बन गया है जिससे कचड़ा चारों ओर फैला रहता है. दुर्गंध के कारण लोग नाक बंद कर यहां से गुजरते हैं.
स्कूल पाड़ा निवासी रोबिन मंडल ने बताया की सफाई कर्मी नियमित नहीं आते हैं. जिसके कारण इलाके में गंदगी की भरमार है. नाली में कूड़ा फेंक दिए जाने के कारण जाम हो गयी है. सफाई कर्मी नियमित इसकी सफाई न करने से नाली का गंदा पानी ओवरफ्लो बाहर फैला है. इसकी शिकायत पार्षद से करने पर सफाई के नाम पर कभी-कभी खानापूर्ति कर दी जाती है.
क्या कहते हैं वार्ड पार्षद?
पार्षद सह आसनसोल नगर निगम के मेयर परिषद सदस्य स्वास्थ्य दिव्येन्दु भगत ने कहा कि वार्ड के सभी इलाकों में नियमित सफाई होती है. कुल 30 सफाई कर्मी हैं. एक माह पूर्व मच्छर के लिए फॉगिंग मशीन का उपयोग किया गया था.
ब्लीचिंग पाउडर तथा कीटनाशक का छिड़काव नियमित होता है. नालियों में लोग प्लास्टिक व घर का कचरा फेंक देने के कारण नालियां जाम हो जाती हैं. कई क्षेत्र में कूड़ेदान की कमी होने की बात उन्होंने कही. सफाई कर्मियों द्वारा कचड़ा नहीं उठाने की शिकायत पर कर्मियों को कचड़ा सही तरह से उठाने के लिए लगातार दबाव दिया जाता है.