आयोजन l10 नवंबर तक चलने वाले इस मेला में लगे हैं 25 स्टॉल
बालुरघाट : शुक्रवार से शुरू हुआ कुशमंडी का मुखौटा मेला ने छठे वर्ष में कदम रखा. मेला अगले 10 नवंबर तक चलेगा. मेला परिसर में हर रोज सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगी. वर्तमान में कुशमंडी के महीष बाथान इलाके में लगभग 500 कारीगर मुखौटा उद्योग में शामिल है. इस उद्योग का ख्याति अब देश-विदेश में फैल चुका है. मुखौटा उद्योग को विश्व के सामने प्रस्तुत करने के लिए महीषबाथाना ग्रामीण हस्तशिल्प समवय समिति लिमिटेड ने मेले का आयोजन किया है.
इसमें बांग्ला नाटक डट कॉम, पश्चिमबंगाल सरकार के खादी व ग्रामोद्योग प्रधिकरण ने सहयोग किया है. दक्षिण दिनाजपुर जिले के प्राचीन शिल्पकला मुखौटा उद्योग के साथ कुशमंडी के महीषबाथान के हजारो परिवार इस पेशे से जुड़े हैं. किसी समय इस पेशे से जुड़े लोग आमदनी के अभाव में बाहरी राज्य में मजदूरी करने जा रहे थे. लेकिन अब राज्य सरकार की पहल पर इसकी महीमा फिर लौट आयी है. इसबार मेले में 25 से भी ज्यादा स्टॉल लगाया गया है.
महीशबाथान ग्रामीण हस्तिशिल्प समवय समिति लिमिटेड के सचिव परेश चंद्र सरकार ने बताया कि 2013 साल से सरकार का ध्यान खींचा जा रहा है. साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुखौटा उद्योग को ले जाने के लिए मेले का आयोजन किया जा रहा है. अब सरकार की ओर से इस दिशा में काफी काम हो रहे हैं. कारिगरों को परिचय पत्र प्रदान कर भत्ता प्रदान किया जा रहा है.
