दुर्गापुर : दुर्गापुर शहर का गौरव के तौर पर माने जाने वाला माइनिंग एंड एलाइड मशीनरी कारपोरेशन (एमएएमसी) 2001 में बंद होने के बाद पूरा एमएएमसी इलाका वीरान हो गया है. प्लांट के 18 साल बन्द होने के बावजूद यहां स्थित डाकघर चालू था.
लेकिन अब इसका भी स्थानांतरण किया जा रहा है, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया है. मालूम हो कि 24 नंबर वार्ड अंतर्गत एमएएमसी के वीके नगर स्थित डाकघर को जल्द ही बन्द कर इस्पात नगर के आइंस्टाइन मोड़ स्थित डाकघर में स्थानांतरण करने का आदेश पारित हो चुका है. जल्द ही वीके नगर स्थित पोस्टऑफिस को इस्पात नगर के आइन्स्टाइन स्थित डाकघर के साथ जोड़ दिया जायेगा.
बुधवार पोस्टऑफिस स्थानांतरण करने के विरोध में राजनीतिक संगठनों द्वारा इलाके के लोगों को संगठित करने के लिए आवाज उठाई गई एवं माइकिंग कर लोगों को एकजुट होने की अपील किया गया. गुरुवार स्थानीय लोगों की ओर से पोस्ट ऑफिस मोड़ के समीप स्थानांतरण के खिलाफ प्रदर्शन किया जायेगा. वीके नगर स्थित डाकघर वर्ष 1998 में खोला गया था, जहां अधिकांश एमएएमसी के रिटायरमेंट श्रमिकों ने एमआईएस के तहत अपनी राशि जमा कराई थी.
पोस्ट ऑफिस के अधीन वार्ड संख्या 23, 24 ,25 एवं 26 के हजारों लोगों का अकाउंट खोला गया है. सबसे ज्यादा प्लांट के सेवानिवृत्त सैकड़ों श्रमिको का एमआईआईएस का रुपया जमा है. वीके नगर पोस्टऑफिस से इस्पात नगर पोस्टऑफिस से करीब 8 किलोमीटर दूरी पर है. पोस्ट ऑफिस स्थानांतरण होने से सेवानिवृत्त वृद्ध श्रमिकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ेगी. पंकज राय सरकार ने बताया कि संगठन की ओर से डाकघर स्थानांतरण का विरोध शुरू किया जाएगा.
