आसनसोल : बीबी कॉलेज आसनसोल के सभागार में बुधवार को एक दिवसीय एकल व्याख्यान का आयोजन किया गया. व्याख्यान का विषय ‘कथाकार की दृष्टि में कथा’ संदर्भ ‘घर चलो दुलारी बाई’ था.
समारोह में मुख्य वक्ता के रूप स्वयं प्रसिद्ध उपन्यासकार व कथाकार संजीव जी ने कहानी पर प्रकाश डाला. उन्होंने अपनी प्रसिद्ध कहानी ‘सागर सीमांत’ के कुछ अंश साझा करते हुए उस पर भी विशेष चर्चा की. कहानी की चर्चा के दौरान उन्होंने हाल ही के उन्नाव घटना की भी चर्चा की और इसे आज की ज्वलंत समस्या करार दिया.
उन्होंने कहा कि समस्या सिर्फ दुलारी बाई की नहीं है, बल्कि समाज मे व्याप्त सामंती सोच की है. हमारे समाज मे नारी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है, उसे अपनी पहचान बनानी है, लेकिन ये समाज उसे ये मौका देना नहीं चाहता. उसे अपने जीवित होने का प्रमाण देने को कहा जाता है. समाज, परिवार कोई भी नारी को अधिकार देना नहीं चाहता. सर्वत्र नारी का शोषण होता है. पशुओं से भी बदतर स्थिति नारी की है.
कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ अमिताभ बसु ने अपने स्वागत वक्तव्य से किया. कार्यक्रम का संचालन डॉ अरुण पांडेय तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ राजेंद्र शर्मा ने किया. कार्यक्रम में विभाग के सभी शिक्षक वृजेश पांडेय, अमित शर्मा तथा स्वाति मिश्रा की भूमिका सराहनीय रही.
