32 माह से लंबित है वेतन समझौता
48,343 करोड़ कर्ज, कैसे दें पेंशन राशि
बर्नपुर : इस्को स्टील प्लांट सहित सेल कर्मियों को वेज रीविजन के लिए अभी वेट करना पड़ेगा. पेंशन के लिए कर्मियों को पेशेंस रखना होगा. कारण, अर्थव्यवस्था में मंदी से सेल की स्थिति और खराब हो गई है. मंद अर्थव्यवस्था और सेल की कमजोर वित्तीय स्थिति के आगे सेल प्रबंधन ने घुटने टेक दिये हैं. प्रॉफिट में आने तक पे-रीविजन तथा पेंशन को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है. सनद रहे कि 32 माह से वेतन समझौता लंबित है.
सेल प्रबंधन का कहना है कि वेतन देने के लिए प्रबंधन को हर माह उधार लेना पड़ रहा है. 31 अगस्त, 2019 तक सेल बैंक तथा अन्य वित्तीय संस्थानों से 48,343 करोड़ रुपये का उधार ले चुका है. सरकार ने 19 जुलाई, 2018 को नोटिफिकेशन जारी करके कहा है कि सरकार पेंशन फंड में कुछ भी अंशदान नहीं देगी. लेकिन कंपनी को भी उधारी को लेकर पेंशन फंड में अंशदान नहीं करना है. बल्कि लाभ की स्थिति में आकर अपने मुनाफे से पेंशन फंड में पैसा दिया जाना है.
छह फीसदी अंशदान पर भी स्पष्टता नहीं
सेल प्रबंधन ने पिछले वेतन समझौता के अनुसार पेंशन में अपना छह फीसदी अंशदान भी देने का कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया है. सेल चेयरमैन ने स्पष्ट कहा है कि अगला वेतन समझौते की अवधि 10 वर्ष हो सकती है. जिस पर यूनियनों ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है. यूनियनों का कहना है कि 10 वर्ष की अवधि के लिए समझौते पर कभी भी सहमति नहीं बनी है. कुल मिला कर स्थिति यह है कि वेज रीविजन और पेंशन पर कोई निर्णय फिलहाल नहीं होने जा रहा है.
