22 फीसदी ही बारिश होने के कारण बांकुड़ा जिले को सूखा घोषित करने की मांग
पहले से ही आर्तिक संकट झेल रहे किसानों की बढ़ेगी दुर्दशा, मिले सरकारी मुआवजा
बांकुड़ा : बांकुड़ा जिले को सूखा घोषित करने, आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने, जॉब कार्ड होल्डरों को वर्ष में दो सौ दिन कार्य देने तथा तीन सौ रुपये मजदूरी देने समेत सात सूत्री मांगों को लेकर ऑल इंडिया किसान और खेत मजदूर संगठन की बांकुडा जिला कमेटी ने शुक्रवार को जिलाशासक कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया.
बाद में शिष्टमंडल ने जिलाशासक को ज्ञापन सौंपा. इसके पहले बांकुडा हिन्दू हाई स्कूल मैदान से जुलूस निकाला गया. जिला अध्यक्ष दिलीप कुण्डू एवं महासचिव ताराशंकर गोप ने नेतृत्व किया. जिला अध्यक्ष श्री कुण्डू ने कहा कि महंगाई के चलते कृषि उपकरण खरीद कर पानी के अभाव से फसलों का लाभकारी मूल्य न मिलने से कठिन परिश्रम के बावजूद किसान के परिवारों की आर्थिक दुर्दशा बनी हुई है.
जिले में बारिश ठीक से नही होने के चलते सूखे की स्थिति पैदा हो गई है. जिससे समस्या और बढ़ेगी. पहले से ही किसानों पर ऋणों का बोझ है. सिंचाई की कोई स्थायी व्यवस्था अभी तक नहीं हुई है. सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए पहल करे. उन्होंने कहा कि जिले में 22 प्रतिशत कृषि हुई है. जिले के 11 ब्लॉकों में कहीं-कहीं इससे भी कम मात्रा में कृषि हुई है. किंतु भाद्र महीने में हुई बारिश से कोई फायदा नहीं होगा. सरकारी तौर पर इसे सूखा ग्रस्त होने का कारण नहीं माना जा रहा है. ब्लॉक आधार पर जायजा लेकर सूखा घोषित किया जाये. बीघा प्रति छह हजार रुपये मुआवज़े की व्यवस्था हो. किसानों के लिए विद्युत बिल तथा छात्रोँ के लिए फी माफ की जाये.
