जानलेवा हमले के बाद भी नहीं मिली पुलिस सुरक्षा

बराकर : वार्ड संख्या 66 के पार्षद खालिद खान पर जानलेवा हमला होने के बाद भी उनकी सुरक्षा को लेकर कोई विशेष व्यवस्था न होने से अपराधियों ने पुलिस को खुलेआम चुनौती देते हुए शनिवार की रात को उनकी हत्या उनके घर के निकट ही कर दी. खालिद के बड़े भाई अरमान खान ने बताया […]

बराकर : वार्ड संख्या 66 के पार्षद खालिद खान पर जानलेवा हमला होने के बाद भी उनकी सुरक्षा को लेकर कोई विशेष व्यवस्था न होने से अपराधियों ने पुलिस को खुलेआम चुनौती देते हुए शनिवार की रात को उनकी हत्या उनके घर के निकट ही कर दी. खालिद के बड़े भाई अरमान खान ने बताया कि उनके भाई पर कुछ वर्ष पूर्व गोली चली थी.

जिसमें वह बच गया था. उनके पिता पर जानलेवा हमला हुआ. दोनों ही कांड का आरोपी टिंकू शेख के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज की गई. इसके बावजूद भी टिंकू की नकेल पुलिस नहीं कस पाई और उसने शनिवार रात को अपने दो साथियों कादिर शेख और शाहिद शेख के साथ मिलकर खालिद को गोलियों से भून दिया.
खालिद के समर्थक, परिजनों ने किया हंगामा
शनिवार रात को खालिद की हत्या होने की खबर इलाके में फैलते ही रविवार की सुबह भारी संख्या में उसके समर्थक और परिजन नीचे मनबड़िया स्थित उसके आवास पर जमा हुए.
इस घटना से बौखलाई भीड़ में शामिल कुछ लोग उग्र हो गए और रामनगर बराकर मुख्य मार्ग पर दो जगहों पर टायर जलाकर सड़क अवरोध कर दिया. इसके बाद यह सिलसिला विभिन्न इलाकों तक चला गया.
बराकर मोड़, फांड़ी मोड़, बेगुनिया मोड़ , बराकर बस स्टैंड पर जाकर टायर जलाकर सड़क अवरोध कर दिया. कुछ दुकानों में भी तोड़-फोड़ आरम्भ होते ही इलाके की सभी दुकाने बंद हो गयी. पुलिस मूकदर्शक बनी रही. सूचना मिलते ही एडीसीपी (वेस्ट) अनामित्र दास भारी पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे. आंदोलनकारियों को समझाने का प्रयास किया.
लेकिन कोई कुछ सुनने को तैयार नहीं था. बराकर की बस परिसेवा बन्द कर दी गयी. आंदोलन में झारखण्ड राज्य के भी काफी लोग शामिल थे. दोपहर एक बजे खालिद का पार्थिव शरीर बराकर में आते ही सभी आंदोलनकारी आंदोलन समाप्त कर शव के साथ उनके घर पर जाकर जमा हो गए. आंदोलन समाप्त हो गया.
अरमान की दबंगता हो सकता है कारण
खालिद के बड़े भाई अरमान दामागोड़िया कोलियरी में कोयला लिफ्टिंग और ट्रांसपोर्टिंग का कार्य करते हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार रामनगर कोलियरी में ट्रांसपोर्टिंग का कार्य उन्होंने जबरन प्राप्त किया. बीसीसीएल के प्रतिष्ठित ठेकेदार बिट्टू खन्ना के बेटे साथ कुछ महीना पहले विवाद हुआ था. राजू जिंदल के साथ भी विवाद हुआ था.
राजनीतिक रंजिश भी हत्या का कारण
खालिद की हत्या को राजनीति से भी जोड़ कर देखा जा रहा है. खालिद वर्ष 1998 में माकपा की युवा संगठन डीवाईएफआई में शामिल हुआ. वर्ष 2010 में कुल्टी नगर पालिका के चुनाव में वह निर्दल उम्मीदवार के रूप में पार्षद का चुनाव लड़े और हार गए.
लोगों ने बताया कि टिंकू ने इस चुनाव में खालिद की काफी मदद की थी. वर्ष 2015 के नगर निगम चुनाव में खालिद को तृणमूल से टिकट मिला. जबकि टिंकू शेख हमेशा तृणमूल करता था. उसे टिकट नहीं मिला. टिंकू को स्थानीय विधायक उज्ज्वल चटर्जी का काफी करीबी माना जाता है.
खालिद पर पार्षद बनने के बाद गोली चलने के बाद श्री चटर्जी ने दोनों को बैठाकर सुलह भी कराया था. पार्षद के रूप में खालिद के इलाके में लोकप्रिय होने और मेयर सह तृणमूल के जिलाध्यक्ष जितेंद्र तिवारी के करीबी होने के कारण वर्ष 2020 के नगर निगम के संभावित चुनाव में खालिद को ही टिकट मिलने की संभावना प्रबल थी. उनके करीबियों के अनुसार इसी बात को लेकर खालिद की हत्या की गयी.
शूटर का इस्तेमाल किया गया
खालिद हत्याकांड को अंजाम देने के लिए शूटर का इस्तेमाल किया गया. हत्याकांड ने जिस प्रकार गोली चलाई गयी. वह कोई साधारण व्यक्ति नहीं कर सकता है. पहले पैर में गोली मारी गयी. जब वह गिर गये. तब नजदीक से आकर एक गोली छाती में और एक गोली पिस्टल को गले में सटाकर मारी गयी. यह कोई प्रोफेसनल शूटर ही कर सकता है.
कांड को अंजाम देने के लिए हुई रेकी
खालिद प्रतिदिन रात को खाना खाने के बाद टहलने निकलते थे और बादल की चाय दुकान पर आकर बैठते थे. हमलावर इसे काफी दिनों से रेकी की होगी. वे हत्या को अंजाम देने के लिए अनेकों बार प्रयास किये होंगे.
लेकिन हर समय खालिद के साथ कुछ लोग होने के कारण वे कांड को अंजाम नहीं दे पाए. शनिवार रात को मौसम खराब होने के कारण खालिद अकेले निकले थे. बादल की चाय दुकान पर अकेले बैठे थे. अपराधियों का मौका मिल गया और वे कांड को अंजाम देकर भाग निकले.
सीसीटीवी में अपराधी नहीं आये
खालिद के घर से थोड़ी दूरी पर मुस्ताक खान के घर के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगा है. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज संग्रह किया, लेकिन उसमें अपराधी तीन लोड किसी बाइक के गुजरते फोटो नहीं आया है. अपराधी कांड को अंजाम देने के बाद बराकर की ओर बाइक से निकले. बाइक को बराकर मारवाड़ी विद्यालय में पीछे स्थित मैदान में छोड़कर वहां से निकल गए.
वर्षों की पारिवारिक दुश्मनी हत्या का कारण
खालिद के पिता तबारक खान और हत्याकांड के मुख्य आरोपी टिंकू शेख के पिता शहाबुद्दीन शेख साढ़ू भाई हैं. दोनों की शादी इलाके के समृद्ध और प्रतिष्ठित मुन्ना खान की बेटियों से हुई थी. मुन्ना खान ने अपने निधन से पहले चार बेटी और दो बेटों में अपनी संपत्ति का बंटवारा कर दिया था. बेटियां भी अपनी पति के साथ यही बस गयी.
उनके कुछ परिजनों के अनुसार शहाबुद्दीन की छह बेटे और दो बेटियां है. जबकि तबारक के दो बेटे और चार बेटियां है. शहाबुद्दीन पारिवारिक रूप से मजबूत होने के कारण तबारक पर हमेशा दबाव बनाकर रखते थे. यहीं से दोनों के बीच विवाद का आरंभ हुआ. तबारक के बेटे जब बड़े हो गये, तब भी दोनों परिवारों के बीच वर्चस्व को लेकर लगातार टकराव होता रहा.
तबारक, उसके बेटे खालिद पर हुआ था जानलेवा हमला
स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ वर्ष पूर्व पानी को लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद हुआ. इस दौरान शहाबुद्दीन के लड़कों ने तलवार से तबारक पर हमला किया. हमला रोकने के क्रम में तलवार की चोट से तबारक की हाथ की उंगली कट गई थी.
वर्ष 2015 में तृणमूल की टिकट पर वार्ड संख्या 66 से जीतकर खालिद के पार्षद बनने के बाद खालिद और टिंकू में विवाद हुआ था. उस दौरान टिंकू ने खालिद पर गोली चलाई थी. जिसमें खालिद बच गए थे. जिसकी शिकायत थाने में की गयी. टिंकू जेल गया. वह जमानत पर बाहर निकल आया. मामला अभी भी कोर्ट में चल रहा है.
पुलिस ने शशि मोदी को लिया हिरासत में
पुलिस ने जांच के क्रम में घटनास्थल चाय दुकान मालिक बादल मोदी के पुत्र शशि मोदी को पूछताछ के लिए बराकर फांड़ी ले आई. इसे सुनकर प्रदर्शनकारियों ने बराकर फाड़ी पहुचकर उक्त ब्यक्ति को उनके हवाले करने की मांग करने लगे. जिस दौरान पुलिस कर्मियों से उनकी नोक- झोक हुई. काफी समझाने के बाद समर्थक शांत हुए.
हत्यारों को नहीं बख्शा जायेगा : मेयर
मेयर जितेंद्र तिवारी ने बताया कि पुलिस तत्परता के साथ काम कर रही है और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. उक्त घटना को दुखद बताया तथा उसकी पत्नी एवं बच्चों को सांत्वना देते हुए घोषणा की कि नगर निगम की ओर से उनकी पत्नी को नौकरी और एक लाख रुपया मुआवजा के रूप में देंगे.
विधायक सह एडीडीए के वाइस चेयरमैन उज्ज्वल चटर्जी ने बताया कि इस कांड मे जो भी व्यक्ति शामिल है उसे छोड़ा नही जायगा चाहे वह टीएमसी का ही क्यों ना हो.
हत्याकांड की जांच से जुड़े निरीक्षक देवज्योति साहा
खुफिया विभाग के इंस्पेक्टर देवज्योति साहा ने बताया कि इस हत्याकांड की वे भी जांच कर रहे हैं. मृतक का एक चार वर्षीय पुत्र कबीर खान एवं छह माह की पुत्री अमेरा खान और पत्नी रजिया है. उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. उससे पूछताछ हो रही है. शीघ्र ही इस मामले में सभी हत्यारों को गिरफ्तार किया जायेगा.

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