नागराकाटा : हाथी के हमलों से बचाने के लिये नागराकाटा ब्लॉक स्थित सुलकापाड़ा ग्राम पंचायत के पानीझोड़ा ग्राम को विगत वर्ष बैटरी से चलने वाले बिजली की तार से घेर दिया गया था. बिजली तार से घेराबंदी के बाद इस गांव में हाथियों का हमला बंद हो गया है.
चालसा रेंज के इस कार्य को देख ग्रामवासियों में काफी प्रसन्नता है. इसका कारण है कि सामने जंगल होने के कारण हाथी प्रत्येक रात को इस गांव में प्रवेश करता था. धान खेती के समय हाथियों का झूंड टूट पड़ता था. इसके साथ ही हाथियों के हमले में कई घर क्षतिग्रस्त हो जाते थे.
खेतों में लगाया हुआ अनाज का एक भी टुकड़ा भी किसान अपने घर में नहीं रख पाते थे. दिन में ग्रामीणों को छोड़ा चैन मिलता था, लेकिन रात को वे हाथी की आतंक से भयभीत हो जाते थे. प्रतिदिन गावंवालों को बारी-बारी से पहरा देना पड़ता था. इस कारण से पानीझोड़ा ग्राम को फेंसिंग तार से घेर दिया गया, जिसकी कुल लागत पांच लाख रूपये थी.
बिजली का बाड़ लगाने को एक साल हो गया है. उस समय एक भी हाथी के हमले की घटना नहीं हुई है. जिसके फलस्वरूप वनबस्तीवासी सुरक्षित और निश्चित होकर सो सकते हैं. हाथी गांव में प्रवेश करने का बार-बार प्रयास करता है, लेकिन फेंसिंग तार के डर से घुसने की हिम्मत नहीं कर रहा है. इसलिए किसानों ने इस बार मक्का की खेती किया है.
फेंसिंग तार होने से किसान इस बार अनाज सुरक्षित घर में रखने की उम्मीद व्यक्त की है. स्थानीय निवासी राम बहादुर छेत्री व डिक्कू लामा ने कहा कि पहले यहां हाथियों का काफी आतंक था. हाथियों के आतंक के कारण हम फसल नहीं लगा सकते थे. साथ ही रात को गांव में हाथी हमला कर घरों को तोड़ देता था.
पिछले वर्ष से हमारे वन सुरक्षा समिति के माध्यम से गांव के कुछ हिस्से पर पावर फेंसिंग लगाया गया है. इस बार और कुछ हिस्से में लगाया गया है. इससे हमारे गांव में हाथियों का आतंक काफी कम हो गया है. आनेवाले दिनों में पानीझोड़ा वन बस्ती के समस्त इलाके में यह पावर फेंसिंग लगाए जाने कि बात कही.
