सीआइएल की पूंजी में 85 हजार करोड़ की कमी

जेबीसीसीआई सदस्य, एचएमएस नेता एसके पांडेय ने दी जानकारी केंद्र पर लगाया रणनीति के तहत कंपनी को रूग्ण करने का आरोप सरकारी शेयर 90 से घट कर 73 फीसदी, तीन और बेचने की योजना सांकतोड़िया : कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल) की पूंजी चार वर्ष में घट कर 1.44 लाख करोड़ रह गई है. चार वर्ष […]

जेबीसीसीआई सदस्य, एचएमएस नेता एसके पांडेय ने दी जानकारी

केंद्र पर लगाया रणनीति के तहत कंपनी को रूग्ण करने का आरोप
सरकारी शेयर 90 से घट कर 73 फीसदी, तीन और बेचने की योजना
सांकतोड़िया : कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल) की पूंजी चार वर्ष में घट कर 1.44 लाख करोड़ रह गई है. चार वर्ष के दौरान कंपनी की पूंजी में लगभग 85 हजार करोड़ की कमी आई है. कंपनी के शेयर की कीमत वर्ष 2015 में 362 रुपये थी, जो घट कर इस समय 245.45 रुपये रह गई है. इसी बीच कंपनी के तीन फीसदी शेयर खुले बाजार में बेचे जाने की तैयारी शुरू हो गई है.
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया की पूंजी 31 मार्च, 2015 को 2.29 लाख करोड़ रुपये थी, मार्च, 2019 में घट कर 1.44 लाख करोड़ रह गई है. एचएमएस से संबद्ध कोलियरी मजदूर कांग्रेस के महामंत्री सह जेबीसीसीआइ सदस्य शिवकांत पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार के नकारात्मक रवैये के कारण सार्वजनिक कंपनी की स्थिति धीरे-धीरे डगमगा रही है. मौजूदा सरकार जब से बहुमत लेकर सत्ता में आई है, उसके बाद से ही कुछ चुनिंदा कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए ही कोल इंडिया की सरकारी हिस्सेदारी को कम कर रही है.
वर्ष 2015 में कोल इंडिया में सरकार की हिस्सेदारी 90 फीसदी थी, वो अब घट कर 72.9 फीसदी पर आ गई है और अब फिर से और तीन फीसदी शेयर और बेचने की तैयारी चल रही है.उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने रणनीति के तहत सीआइएल को कमजोर कर निजी कंपनियों को मदद पहुंचा रही है. पिछले चार साल में सरकार ने कंपनी की दशा सुधारने के बजाय लाभांश के रूप में उसके रिजर्व पूंजी भी ले चुकी है.
बाजार में कंपनी की विश्वसनीयता में भारी कमी आई है. उन्होंने कहा कि इसी रणनीति के तहत 2017-18 में कोल इंडिया में स्थाई अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं की, जिसका गलत प्रभाव कंपनी की नीति और प्रशासन पर पड़ा है. कंपनी बीते वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्य 620 मिलियन टन कोयले के उत्पादन की तुलना में 600 मिलियन टन ही कोयला उत्पादन कर पाई है. उन्होंने कहा की फिर से सीआइएल के तीन फीसदी शेयर बेचने की प्रक्रिया शुरू की गई है.

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