पानागढ़ : बर्दवान जिला विभाजन के बाद रविवार को पश्चिम बर्दवान जिला जनवादी लेखक संघ प्रतिनिधियों की बैठक रानीगंज कोयला श्रमिक भवन में हुई. अध्यक्षता डॉ रामपुकार मिश्र ने की. हरिशंकर तिवारी, डॉ संतराम, डॉ अरुण पांडे सहित रानीगंज, आसनसोल, अंडाल, दुर्गापुर तथा पानागढ़ से जलेस यूनिटों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
संतराम ने कहा कि जनवाद से जन-जन को जोड़ना होगा. यह सबसे बड़ी जरूरत है. राजनीति में इस प्रकार की ज्वलंत परिस्थितियों को पैदा कर दिया गया है कि गरीब तबका अपने आप को ठगा महसूस कर रहा है.
डॉ पांडे ने कहा कि राजनीतिक दल भारत की सांस्कृतिक विरासत को निजी लाभ के लिए नष्ट कर रहे हैं. ऐसे में जनवादी चेतना को जगाने की जरूरत है. दुर्गापुर के तारकेश्वर पांडे ने कहा कि जनवादी सदस्यों का आपस मे मिलना एवं युवा-पीढ़ी को अपने साथ जोड़ना समाज को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. अंडाल के विजय ठाकुर ने कहा कि जनवाद के खिलाफ अन्य कई संगठन हिंदी भाषियों को लेकर साहित्य व लेखनी के माध्यम से जोड़ने की कोशिश कर रहे है.
ऐसे में जनवादियो को और भी मजबूती से मुकाबला करते हुए जनवाद को मजबूत करने की जरूरत है. पानागढ़ के उमेश मिश्रा ने कहां कि राजनीतिक परिस्थिति बदलने पर भी पानागढ़ में जनवाद पहले की तरह कायम है. इसका सबसे बड़ा कारण स्व. पारसनाथ तिवारी की दी गई शिक्षा-दीक्षा एवं मार्गदर्शन है. रानीगंज के बिरजू यादव ने संगठन को लेकर विस्तृत रूप से चर्चा की.
अध्यक्षता कर रहे डॉ मिश्र ने कहा कि पश्चिम बंगाल की पीड़ादायक राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों से जनसाधारण को उबारने के लिए जनवादियो को फिर से आंदोलन करना होगा. दुर्गापुर के मोहम्मद साबिर, राजेश्वर शर्मा, रानीगंज से जितेंद्र नाथ उपाध्याय, नरेंद्र कुमार सिन्हा, आरएन मिश्रा, आसनसोल से जयराम शर्मा, पानागढ़ से मुकेश तिवारी आदि उपस्थित थे.
