आसनसोल : हाजी फरीद आलम हत्याकांड में हीरापुर थाना पुलिस ने एक प्रत्यक्षदर्शी को खोज निकाला. जिसने हत्या के बाद अपराधियों के भागते हुए देखा था. प्रत्यक्षदर्शी ने कांड के बाद बाइक लेकर तेजी भागते हुए जिसे देखा था, उसका शारीरिक गठन संतोष चौधरी से मेल खाता है. पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शी को थाने में लाकर संतोष की पहचान भी करायी. संतोष के साथ महेश शर्मा के संपर्कों का भी पुख्ता सबूत पुलिस ने खोज निकाला है,. महेश का संतोष के कुल्टी आवास पर और संतोष का महेश के शांतिनगर (बर्नपुर) आवास पर नियमित आना जाना था. महेश के घर दूध देने वाले ने संतोष की पहचान कर बताया कि यह व्यक्ति महेश के घर नियमित आता-जाता था.
पुलिस के अनुसार महेश इलाके से फरार होने के बाद धनबाद के कतरास इलाके में पनाह लिए हुए था और संतोष के साथ मिलकर इलाके में अवैध हथियार का भी धंधा करता था. जिसकी जानकारी पुलिस को प्राप्त हुयी है. पुलिस हत्याकांड के सभी कड़ियों को जोड़ने के प्रयास में जुटी है. अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (वेस्ट) अनामित्र दास ने कहा कि पुलिस हत्याकांड के सभी साक्ष्यों को जुटाने में लगी है. जल्द ही सभी साक्ष्य पुलिस को मिल जायेंगे. झारखंड पुलिस से भी संपर्क कर महेश की तलाश की जा रही है.
सनद रहे कि पायल इन्टरप्राइसेस के मालिक मोहम्मद इम्तियाज के पिता हाजी मोहम्मद फरीद आलम की हत्या भारती भवन बर्नपुर के पास अपराधियों ने गोली मारकर की थी.
हत्या के 48 घंटे के अंदर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया और कांड के आरोपी संतोष चौधरी को गिरफ्तार किया. उसके पास से दो मोबाईल फोन और तीन सीम कार्ड बरामद किया. पुलिस का दावा है कि ये वही सीम कांड है जिसका टॉवर लोकेशन कांड के दौरान उस इलाके में दर्शाया था. पुलिस ने आरोपी संतोष को 14 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है और साक्ष्य के आधार पर हत्या की कड़ी को जोड़ने के प्रयास में लगी है.
