Ram Stambh Yojana: भगवान श्रीराम के 'वनगमन' से जुड़े देशभर के प्रमुख स्थलों को अब एक सांस्कृतिक श्रृंखला से जोड़ने की तैयारी है. इसके तहत अयोध्या से दक्षिण भारत तक 292 प्रमुख स्थानों पर 15 फीट ऊंचे श्रीराम स्तंभ स्थापित किए जाएंगे. इन स्तंभों के जरिए रामायण प्रसंगों से जुड़े स्थलों की सांस्कृतिक पहचान को सामने लाने की योजना है. इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ 27 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगा.
27 सितंबर को होगा अभियान का शुभारंभ
भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 11 श्रीराम स्तंभों का वर्चुअल लोकार्पण करेंगे. इन स्तंभों की स्थापना राम वनगमन से जुड़े प्रमुख स्थलों पर की जाएगी. अभियान का उद्देश्य इन स्थानों को एक साझा सांस्कृतिक पहचान से जोड़ना और रामायण से जुड़े उनके महत्व को सामने लाना है.
15 फीट ऊंचे होंगे श्रीराम स्तंभ
योजना के तहत स्थापित किए जाने वाले प्रत्येक श्रीराम स्तंभ की ऊंचाई 15 फीट होगी. राम वनगमन की स्मृतियों से जुड़े स्थलों पर लगाए जाने वाले ये स्तंभ वहां की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक के तौर पर काम करेंगे. इसके जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में रामायण प्रसंगों से जुड़े स्थानों को एक श्रृंखला में जोड़ने की तैयारी है.
विहिप और अशोक सिंहल फाउंडेशन की पहल
श्रीराम स्तंभ लगाने की यह पहल विश्व हिंदू परिषद और अशोक सिंहल फाउंडेशन की ओर से की जा रही है. कार्यक्रम में आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले मुख्य वक्ता होंगे. योजना के तहत राम वनगमन से जुड़े स्थलों को एक व्यापक सांस्कृतिक अभियान के माध्यम से जोड़ने और उनकी पहचान को प्रमुखता देने की तैयारी की जा रही है.
