14 साल बाद प्रबल हत्याकांड में आया फैसला, सात दोषियों को उम्रकैद, 12 अन्य पर सुनवाई बाकी

UP News: बिजनौर में 14 साल पुराने प्रबल हत्याकांड में अदालत ने आखिरकार अपना फैसला सुना दिया है. सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. वहीं, 12 अन्य आरोपियों को जोड़ने की मांग वाली याचिका पर हाईकोर्ट में 4 अगस्त को सुनवाई होनी है.

UP News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में चर्चित प्रबल हत्याकांड में 14 साल बाद अदालत ने अहम फैसला सुनाया है. अदालत ने मामले के सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. वहीं, इस प्रकरण में 12 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाए जाने की मांग से जुड़ी याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में 4 अगस्त को सुनवाई होनी है.

अग्रसेन जयंती कार्यक्रम के दौरान हुई थी वारदात

यह मामला 19 दिसंबर 2012 का है. बिजनौर के शहनाई बैंक्वेट हॉल में आयोजित अग्रसेन जयंती कार्यक्रम के दौरान प्रबल की कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. आरोप है कि हत्या के बाद आरोपियों ने शव को गंगा नदी में फेंक दिया था. घटना के बाद यह मामला पूरे जिले में काफी चर्चा का विषय बना था.

जांच के बाद सात लोगों पर चली सुनवाई

पुलिस जांच पूरी होने के बाद 26 जुलाई 2013 को सात आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया. लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. अब अंतिम फैसले में अदालत ने सातों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. इस घटना के कुछ महीने बाद प्रबल के पिता आलोक अग्रवाल का भी निधन हो गया था, जिसके बाद उनकी बहन प्राची ने मामले की कानूनी लड़ाई जारी रखी.

12 अन्य लोगों को आरोपी बनाने की मांग पर सुनवाई बाकी

मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता अहमद जकावत के अनुसार, शुरुआती एफआईआर में पांच लोगों को नामजद किया गया था, जबकि बाद में 12 अन्य लोगों के नाम भी पुलिस को दिए गए थे. हालांकि जांच के दौरान उन्हें चार्जशीट में शामिल नहीं किया गया. अब इन लोगों को भी आरोपी बनाए जाने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका लंबित है, जिस पर 4 अगस्त को सुनवाई प्रस्तावित है.

हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी निगाहें

यदि इलाहाबाद हाईकोर्ट याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला देता है, तो 12 अन्य लोगों के खिलाफ भी मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. ऐसे में इस बहुचर्चित हत्याकांड में अदालत के मौजूदा फैसले के बाद अब सबकी नजर हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी है.

Must Read- एक बार लगाएं, 30 साल तक कमाएं, ड्रैगन फ्रूट की खेती पर योगी सरकार दे रही 1.62 लाख की सब्सिडी


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Komal Agarwal

कोमल अग्रवाल पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. वे डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और विभिन्न विषयों पर समाचार एवं लेख लिखती हैं. इससे पहले उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में इंटर्नशिप एवं कार्य अनुभव प्राप्त किया है, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और वीडियो एडिटिंग जैसे क्षेत्रों में काम किया. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज से जनसंचार एवं पत्रकारिता की पढ़ाई की है. कोमल तथ्यपरक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित पत्रकारिता में विश्वास रखती हैं तथा सरल, सटीक और प्रभावी समाचार लेखन को प्राथमिकता देती हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >