Sambhal Jama Masjid Case: संभल शाही जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर विवाद को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सोमवार को फैसला सुनाया. कोर्ट की तरफ से मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज करते हुए मस्जिद के सर्वेक्षण के लिए निचली अदालत द्वारा जारी किए गए आदेश को बरकरार रखा है. कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं पाया है.
सर्वेक्षण को बनाया जाए रिकॉर्ड का हिस्सा
इलाहाबाद हाई कोर्ट के ट्रायल कोर्ट द्वारा जारी आदेश को बरकरार रखने के फैसले को लेकर वकील हरि शंकर जैन कहा कि हाई कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी है. इस दौरान कोर्ट ने कहा कि मस्जिद परिसर का सर्वेक्षण सही था. जो भी सर्वेक्षण हुआ है, उसे पढ़कर रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया जाएगा. इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि अगर मुस्लिम पक्ष सप्रीम कोर्ट जाते हैं, तो हम उनका स्वागत करने के लिए तैयार हैं.
यह भी पढ़ें- UP Assembly Election 2027: परफॉर्मेंस के आधार पर चुनाव में मिलेगा टिकट, BJP कराएगी विधायकों का ऑडिट
यह भी पढ़ें- जोश में खो बैठे होश! ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ की जगह लगाए ‘जिंदाबाद’ के नारे, फिर मांगी माफी, देखें वीडियो
13 मई को हाई कोर्ट ने सुरक्षित रखा था फैसला
दरअसल, मस्जिद कमिटी की तरफ से मामले की पोषणीयता को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में सिविल रिवीजन याचिका दाखिल की गई थी. मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने दोनों पक्षों की वकील की जिरह सुनने के बाद 13 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया था. ऐसे में आज फैसला सुनाते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सर्वेक्षण पर रोक लगाने से मना कर दिया है.
ASI सर्वे के आदेश को दी गई थी चुनौती
गौरतलब है कि संभल कोर्ट ने मस्जिद परिसर का ASI सर्वे कराने का आदेश दिया था. इस आदेश पर मस्जिद कमेटी ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. हिन्दू पक्ष का दावा है कि हरिहर मंदिर को तोड़ शाही जामा मस्जिद बनाई गई है. ऐसे में हिन्दू पक्ष मंदिर में जाना चाहता है.
यह भी पढ़ें- डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सपा पर किया जुबानी हमला, कहा- ‘मुस्लिम तुष्टिकरण के साथ हुआ पार्टी का जन्म’
