नोएडा में सुपरनोवा के पानी में आखिर क्या मिल रहा, नल से निकली ऐसी चीज कि 350+ परिवारों की बढ़ी चिंता

UP News: नोएडा के सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा सोसाइटी में गंदे पानी की समस्या ने सैकड़ों परिवारों को परेशान कर रखा है. नलों से निकल रहा पीला-काला, कीड़े वाला पानी अब स्वास्थ्य चिंता का सबब बन गया है. लोग गंगाजल आपूर्ति बहाल करने की मांग कर रहे हैं.

UP News: नोएडा के सेक्टर-94 स्थित सुपरटेक सुपरनोवा की नोवा ईस्ट और वेस्ट ब्लॉक में रहने वाले सैकड़ों परिवार गंदे और बदबूदार पानी की समस्या से परेशान हैं. लोगों का दावा है कि कई दिनों से नलों से पीले-काले रंग का पानी निकल रहा है, जिसमें कीड़े तक दिखाई दे रहे हैं. हालात ऐसे हैं कि जिस घर को लोगों ने बेहतर जिंदगी और सुरक्षित भविष्य के लिए खरीदा था, वहीं पानी अब चिंता का कारण बन गया है.

नल खोलते ही दिख रहे कीड़े

लोगों के मुताबिक, समस्या सिर्फ किचन के नल तक सीमित नहीं है. बाथरूम के नलों और फ्लश में भी पानी के साथ कीड़े दिखाई देने की शिकायत सामने आई है. कई परिवारों ने पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई है. सोशल मीडिया और सोसाइटी के व्हाट्सएप ग्रुप में भी गंदे पानी से जुड़े वीडियो साझा किए जा रहे हैं, जिनमें बाल्टियों में काला पानी और पानी के अंदर कीड़े दिखाई देने का दावा किया जा रहा है.

महंगे फिल्टर भी नहीं दे रहे राहत

पानी की खराब गुणवत्ता से परेशान कई परिवारों ने घरों में महंगे वाटर फिल्टर लगवाए हैं. इसके बावजूद फिल्टर को बार-बार बदलना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि कुछ ही महीनों में फिल्टर काला पड़ जाता है. पीने के लिए बोतलबंद पानी खरीदना संभव है, लेकिन नहाने, कपड़े धोने और रोजमर्रा के दूसरे कामों के लिए भी साफ पानी की जरूरत होती है.

बच्चों और परिवारों की सेहत को लेकर चिंता

लोगों का दावा है कि गंदे पानी के इस्तेमाल के बाद त्वचा संबंधी परेशानियां, बाल झड़ने और गले में संक्रमण जैसी दिक्कतें महसूस हो रही हैं. खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत को लेकर परिवार ज्यादा चिंतित हैं. हालांकि, इन स्वास्थ्य समस्याओं का सीधा कारण पानी ही है या नहीं, इसकी पुष्टि संबंधित चिकित्सकीय जांच के बिना नहीं की जा सकती.

बोरवेल के पानी पर निर्भर सोसाइटी

बताया जा रहा है कि पहले सोसाइटी में गंगाजल की आपूर्ति होती थी, लेकिन करीब दो साल से ज्यादा समय पहले यह व्यवस्था बंद हो गई. इसके बाद सोसाइटी को बोरवेल के पानी पर निर्भर होना पड़ा. लोगों का आरोप है कि मौजूदा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बोरवेल के पानी को पर्याप्त रूप से साफ करने में सक्षम नहीं है, जिसके चलते समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है.

स्थायी समाधान के लिए उठ रही आवाज

सोसाइटी में 350 से ज्यादा परिवार रहने की बात कही जा रही है. पानी की समस्या को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति के सामने भी उठाए जाने की जानकारी सामने आई है. लोग अब गंगाजल की आपूर्ति बहाल कराने और पानी की समस्या का स्थायी समाधान चाहते हैं. उनके लिए यह सिर्फ साफ पानी का मुद्दा नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये खर्च कर खरीदे गए घर में सुरक्षित और बेहतर जीवन के भरोसे का सवाल भी बन गया है.

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By नटवर कुमार

नटवर कुमार पत्रकारिता के क्षेत्र में दो वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले पत्रकार हैं.वे ग्राउंड रिपोर्टिंग और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर करते हैं. राजनीतिक घटनाक्रम, स्थानीय समस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, अपराध, सामाजिक मुद्दों और आम लोगों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि है. उनका प्रयास खबरों को तथ्यात्मक, स्पष्ट और पाठकों के लिए उपयोगी तरीके से प्रस्तुत करना रहता है.नटवर कुमार ने इतिहास में मास्टर ऑफ आर्ट्स (M.A. History) और मास्टर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पटना से की है. इतिहास और पत्रकारिता में उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें घटनाओं को व्यापक संदर्भ में समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने में मदद करती है.इस दौरान उन्होंने दूरदर्शन पटना में भी समय दिया है. नटवर कुमार मूल रूप से बिहार के दिनकर की भूमि बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं.

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