आकाश-ईशान आउट, दीपिका इन, मायावती ने परिवारवाद पर खेला मास्टरस्ट्रोक, क्या 22 साल की लंदन रिटर्न भतीजी बनेगी उत्तराधिकारी

UP Politics: बसपा सुप्रीमो मायावती ने परिवारवाद के आरोपों पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने अपने भतीजों आकाश और ईशान आनंद को पार्टी में कोई भी पद देने से इनकार कर दिया है.

UP Politics: बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपनी पार्टी को परिवारवाद के आरोपों से बचाने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने ऐलान किया है कि उनके भाई आनंद कुमार के दोनों बेटों, आकाश आनंद और ईशान आनंद को पार्टी में कोई भी छोटा या बड़ा पद नहीं दिया जाएगा. लगातार फैसलों के बदलने और परिवारवाद की चर्चाओं पर विराम लगाने के मकसद से मायावती ने दोनों भतीजों को राजनीति से पूरी तरह अलग रखने की घोषणा कर दी है.

भतीजी दीपिका पर जताया भरोसा

मायावती ने बताया कि अविवाहित होने के कारण उन्हें मजबूरी में अपने भाई आनंद कुमार का सहयोग लेना पड़ा था. हालांकि, उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में आनंद को काम में मदद की जरूरत पड़ती है, तो वह अपनी 22 साल की बेटी कुमारी दीपिका आनंद को आगे ला सकते हैं. लंदन से कानून की पढ़ाई कर रहीं दीपिका की वफादारी और क्षमता को देखकर बाद में उन्हें पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है.

युवाओं को मौका और पुराने नेताओं की नो-एंट्री

पार्टी के नए स्वरूप को लेकर मायावती ने साफ कर दिया है कि अनुशासनहीनता की वजह से बाहर निकाले गए नेताओं की बसपा में कभी वापसी नहीं होगी. इसके अलावा, उन्होंने आने वाले विधानसभा चुनावों में युवाओं (जेन-जी) को संगठन से लेकर टिकट वितरण तक में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी देने की बात कही है. मायावती के इस मास्टरस्ट्रोक को पार्टी में नए और ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को आगे लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

Also Read:बिजली बिल से पाना है छुटकारा? घर की छत पर लगवाएं सोलर पैनल, सरकार दे रही हजारों की सब्सिडी, जानें आवेदन का तरीका

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By शशांक शेखर मिश्रा

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >