UP Politics: रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की इमारतों पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण और बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने उत्तर प्रदेश में मोर्चा खोल दिया है. प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली के निर्देश पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने बलिया, लखनऊ और संत कबीर नगर सहित राज्य के विभिन्न जिलों में जोरदार विरोध प्रदर्शन कर जिला प्रशासन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा.
कागजी कमी है तो पूरा कराएं, बहुमूल्य इमारत तोड़ना अन्याय: मोहम्मद शमीम
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए पार्टी के प्रदेश महासचिव मोहम्मद शमीम ने सरकार की कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया. उन्होंने कहा, "यदि विश्वविद्यालय की किसी कागजी प्रक्रिया में कोई कमी है, तो सरकार को उसे नियमानुसार पूरा कराना चाहिए. बनी-बनाई यूनिवर्सिटी और उसकी बहुमूल्य इमारतों को तोड़ना किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं है." उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह अन्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं रोकी और उनकी मांगें नहीं मानीं, तो AIMIM जल्द ही पूरे प्रदेश में 'जेल भरो आंदोलन' शुरू करेगी.
राजधानी लखनऊ में कलेक्ट्रेट घेराव
17 जुलाई 2026 को सेंट्रल अध्यक्ष शेख ताहिर सिद्दीकी की मौजूदगी तथा जिलाध्यक्ष सलमान मंसूरी के नेतृत्व में लखनऊ इकाई ने प्रदर्शन किया. नेताओं ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी केवल एक इमारत नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के सपनों और भविष्य का केंद्र है. इस मौके पर महानगर अध्यक्ष हाशिम सिद्दीकी, प्रदेश संयुक्त सचिव इमामुद्दीन सिद्दीकी, आमिर हाशमी, डॉ. शकील सिद्दीकी, मोहम्मद रईस, बेलाल जिलानी, शाहिद खान सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
उत्पीड़न के खिलाफ संविधान के बल पर संघर्ष जारी रहेगा
बलिया जिला इकाई ने एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन कर शहर में जुलूस निकाला और नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे. पूर्वांचल प्रभारी कालिका प्रसाद ने आरोप लगाया कि वर्तमान शासन में दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और मुसलमानों का उत्पीड़न बढ़ा है, जिसके खिलाफ बाबा साहब के संविधान के बल पर संघर्ष जारी रहेगा. वहीं जिलाध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता ने इसे शिक्षा विरोधी मानसिकता करार दिया. इस मौके पर जिला संगठन प्रभारी मोहम्मद नसीम खान, उपाध्यक्ष गुलाम मुस्तफा, महासचिव मोहम्मद कामिल, मुदस्सिर अंसारी, फरीद अहमद मुराद, दीपक यादव, मोहम्मद नसरुद्दीन, मीडिया प्रभारी सोनू कुरैशी, अजय अंबेडकर समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे.
संत कबीर नगर में ज्ञापन सौंप दर्ज कराया विरोध
संत कबीर नगर में भी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी (DM) को ज्ञापन सौंपकर शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की. AIMIM नेताओं ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों को राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार नहीं बनने दिया जाएगा और पार्टी लोकतांत्रिक व संवैधानिक दायरे में रहकर इस जनविरोधी कार्रवाई के खिलाफ अपना आंदोलन लगातार जारी रखेगी.
कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित
जौहर यूनिवर्सिटी ध्वस्तीकरण के विरोध में एआईएमआईएम कार्यकर्ताओं ने शनिवार को गाजीपुर में भी प्रदर्शन किया. पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यूनिवर्सिटी की इमारतों को ध्वस्त किया गया तो एआईएमआईएम पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन और जेल भरो अभियान चलाएगी. पार्टी ने सरकार से कार्रवाई रोकने और निष्पक्ष निर्णय लेने की मांग की.
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