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बाघ के हमले में दो की मौत
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तीसरे ने पेड़ पर चढ़कर बचाई जान
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गांव लोटने के दौरान बाघ से हुआ था सामना
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत (UP News, Pilibhit) में अचानक हुए बाघ के हमले (Tiger Attack) में दो लोगों की मौत हो गई है. जबकि, हमले से तीसरे शख्स ने पेड़ पर चढ़कर किसी तरह अपनी जान बचाई. दोनों के शवों को पोस्टमार्टम (Postmortom) के लिए भेज दिया गया है. बता दें, दोनों लोग रात के समय बाईक पर सवार होकर जंगल के रास्ते से जा रहे थे, कि अचानक बाघ ने हमला कर दिया.
वहीं, घटना की सूचना मिलने के बाद टाइगर रिजर्व के अधिकारी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और घटना की जांच के आदेश दे दिए है. वहीं वाघ के हमले में मारे गये लोगों की पहचान दियोरिया गांव के निवासी कन्हई लाल, सोनू और विकास के रुप में हुई है. मिली जानकारी के अनुसार कन्हाई अपने दोनों दोस्तों के साथ अपने ससुराल से लौट रहा था.
गौरतलब है कि, साल 2020 के बाद यह दूसरी घटना है कि जब वाघ के हमले में दो लोगों की जान गई हो. इससे पहले टाइगर रिजर्व की माला रेंज में बाघ ने दो लोगों पर हमला कर उन्हे मार दिया था. अब एक बार फिर बाघ के हमले में दो लोगों की मौत हुई है. वन विभाग के आंकड़े की माने तो अब तक बीते 3-4 सालों में बाघ के हमलों में करीब 33 से ज्यादा लोगों की जान गई है.
साल 2020 में हुई मौत: माला रेंज में 2020 में करीब 7 लोग बाघ के हमलों का शिकार हुए, इन लोगों को बाघ मे मार डाला. साल 2020 का पहला मामला 1 फरवरी को आया था जब फूलचंद नाम के शख्स के बाघ ने अपना निशाना बनाया था इसके चार दिन बाद इसी इलाके में यानी 5 फरवरी को रुपलाल नाम के शख्स को बाघ ने अपना निशाना बनाया. 2020 साल के जून में बाघ का अंतिम हमला हुआ था जब शिवेंदु मंडल का सामना बाघ से हो गया था और बाघ ने उसे मार डाला.
इसी तरह साल 2018 में बाघ के महलों में तीन लोगों की मौत हुई थी. 2019 में एक शख्स की बाघ ने हत्या कर दी थी. जबकि 2017 में बाघ के हमलों में सबसे ज्यादा लोगों की जान गई. वन विभाग के आंकड़े के अनुसार वाघ के हमले में 2017 में करीब 16 लोगों की मौत हुई थी. वहीं हर साल बाघ के हमले के कारण हो रही मौते को देखते हुए वन विभाग भी सख्त हो गया है. विभाग जंगल के रास्तों पर रात के वक्त आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने पर भी विचार कर रहा है.
Posted by: Pritish Sahay
