बेहतर प्रदर्शन के बावजूद वाराणसी स्मार्ट सिटीज मिशन पर अब तक हुआ केवल 50 फीसदी खर्च

वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी, केंद्र के स्मार्ट सिटीज मिशन के तहत अच्छा प्रदर्शन करने वाले शहरों में से एक है. इस साल जनवरी में आंतरिक रैंकिंग सूची में शहर को 13 वां स्थान मिला था और पिछले माह स्थिति में सुधार करते हुए इसने 7वां स्थान पाया. बावजूद इसके अब तक केवल 50 फीसदी राशि का ही उपयोग हो पाया है, जबकि कई परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं.

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 6, 2020 11:49 AM

वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी, केंद्र के स्मार्ट सिटीज मिशन के तहत अच्छा प्रदर्शन करने वाले शहरों में से एक है. इस साल जनवरी में आंतरिक रैंकिंग सूची में शहर को 13 वां स्थान मिला था और पिछले माह स्थिति में सुधार करते हुए इसने 7वां स्थान पाया. बावजूद इसके अब तक केवल 50 फीसदी राशि का ही उपयोग हो पाया है, जबकि कई परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं. परियोजनाओं के लिए स्वीकृत आधे से अधिक धन का उपयोग किया जाना बाकी है.

561 करोड़ की 25 परियोजनाएं

मालूम हो कि वर्तमान में मिशन के तहत वाराणसी में 25 परियोजनाएं चल रही हैं. इन परियोजनाओं को पहले ही श्रेणियों में बांटा जा चुका है. इन योजनाओं को सुरामा (सुरम्य), निर्मल (स्वच्छ), सुरक्षित (सुरक्षित), समुन्नत (बेहतर), एकिकृत (एकीकृत) और संयोगित (योजना) के तहत रखा गया है. कुल 25 परियोजनाओं की कुल लागत 561 करोड़ रुपये थी. उनमें से, सोलह को लगभग 261 करोड़ रुपये की लागत के साथ पूरा किया गया है, जबकि पंद्रह परियोजनाएं अभी भी लंबित हैं.

150 करोड़ की परियोजनाएं पूरी

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार कमांड कंट्रोल सेंटर के पूरा होने के कारण मंदिरों के इस शहर ने अपनी रैंकिंग में सुधार की है. यह परियोजना 150 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई है. वैसे बहुत सारा काम कभी होना है. कुछ महत्वपूर्ण सड़कों को चौड़ा किया गया है, लेकिन शहर की जल निकासी व्यवस्था अभी तक ठीक नहीं की गयी है, जिसके परिणामस्वरूप जल-जमाव की समस्या है. गैर-पीक घंटों में भी ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है.

कोविड के कारण काम हुआ धीमा

अधिकारियों का कहना है कि तीन भूमिगत पार्किंग सुविधाओं पर काम चल रहा है. एक बार पूरा हो जाने के बाद, 2,000 से अधिक दोपहिया वाहन और 500 चौपहिया वाहन वहां पार्क किए जा सकते हैं. इस मिशन के तहत और भी काम हो रहे हैं. गंगा के किनारे एक ओपन-एयर थियेटर का भी निर्माण किया जा रहा है. कोविद -19 और लॉकडाउन ने कार्यों को धीमा कर दिया है. एक अधिकारी ने कहा कि हम कामगारों की संख्या बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.

posted by ashish jha

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