पश्चिम बंगाल शिक्षा विभाग के सॉल्टलेक स्थित मुख्यालय के बाहर बुधवार को सैकड़ों नागरिक सुरक्षाकर्मियों ने 30 दिन का काम और स्थायी रोजगार की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया. विभिन्न जिलों से आये प्रदर्शनकारियों ने विकास भवन के बाहर सड़क पर धरना दिया और सड़क मार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप कर दिया. ये लोग 13 जुलाई 2025 को जारी एक सरकारी आदेश में संशोधन की मांग कर रहे थे.
महीने में सिर्फ 14 दिन मिलता है काम
प्रदर्शन कर रहे नागरिक सुरक्षाकर्मियों ने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था के तहत एक महीने में उन्हें केवल 14 दिन काम करने की अनुमति है. इसके बाद कुछ दिनों तक उन्हें काम करने की अनुमति नहीं होती है. इससे महीने के बाकी दिनों में उनकी कमाई फिक्स नहीं रहती.
मंत्री को 50 पत्र लिखे, कोई जवाब नहीं मिला
हाथों में पत्र और बैनर लिये प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि जब उन्होंने शिक्षा विभाग के मुख्यालय के पास इकट्ठा होने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन पर हमला किया. एक प्रदर्शनकारी ने कहा- हम प्रशासन का अभिन्न अंग हैं. फिर भी पुलिस ने हमें तितर-बितर करने के लिए लाठियों का इस्तेमाल किया. हमने मंत्री जावेद खान को लगभग 50 पत्र सौंपे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.
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चुनाव और विशेष अवसर पर ही मिलता है काम
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे दिन-रात धरना जारी रखेंगे. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्होंने कोविड-19 महामारी और चक्रवात अम्फान के दौरान राज्य की सेवा की थी. अब उन्हें नियमित काम से वंचित किया जा रहा है. कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनकी जिम्मेदारियां मुख्य रूप से चुनाव और विशेष अवसरों तक ही सीमित हैं, जिसके कारण कई नागरिक सुरक्षाकर्मी अधिकतर समय बेकार रहते हैं.
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