Bhubaneswar News: आमो बस चालकों की हड़ताल से भुवनेश्वर व राउरकेला में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित, लोग रहे परेशान

Bhubaneswar News: आमो बस चालकों की हड़ताल से भुवनेश्वर, राउरकेला समेत अन्य जिलों में परिवाहन सेवाएं प्रभावित रहीं.

By BIPIN KUMAR YADAV | September 13, 2025 11:34 PM

Bhubaneswar News: राजधानी भुवनेश्वर में शनिवार को सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं, जब ‘आमो बस’ चालकों ने समय पर वेतन भुगतान की मांग को लेकर स्टीयरिंग डाउन आंदोलन शुरू कर दिया. आंदोलन के कारण 43 बसें पोखरिपुट डिपो में खड़ी रहीं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और कई प्रमुख मार्गों पर सेवाएं बाधित हो गयीं.

42 दिन से बस चालकों को नहीं मिला है वेतन, जतायी नाराजगी

चालकों का कहना है कि सामान्यतः वेतन हर महीने की 10 तारीख तक मिल जाता है, लेकिन अगस्त माह का वेतन 11 तारीख को दिया गया था और सितंबर का वेतन अब तक नहीं मिला है. एक चालक ने आरोप लगाया कि पिछले तीन दिनों से हमें केवल झूठे आश्वासन दिये जा रहे हैं. अब तक हमारा वेतन नहीं मिला. वेतन के अलावा चालकों ने कार्य स्थितियों को लेकर भी नाराजगी जतायी. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं है, साप्ताहिक अवकाश के बिना अतिरिक्त समय तक काम करना पड़ता है और इएसआइ जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं. चालकों ने कैपिटल रीजन अर्बन ट्रांसपोर्ट की भूमिका पर भी सवाल उठाये. उनका कहना है कि चालक नियुक्ति और प्रबंधन का कार्य चक्र ई-ट्रांसपोर्ट को सौंप दिया गया है. उन्होंने पूछा कि अगर जिम्मेदारी किसी तीसरे पक्ष को दे दी गयी है, तो हमारे रोजगार की सुरक्षा और सामाजिक लाभों की गारंटी कौन करेगा?. समाचार लिखे जाने तक, आंदोलनरत कर्मचारियों की मांगों पर प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है.

राउरकेला : विधायक ने आंदोलनकारियों से की बात, आश्वासन के बाद सामान्य हुई बस सेवा

कैपिटल रीजन अर्बन ट्रांसपोर्ट (क्रूट) द्वारा संचालित आमो बस के कर्मचारियों ने ससमय वेतन नहीं मिलने, इएसआइ व पीएफ का लाभ नहीं मिलने पर शनिवार की सुबह काम बंद आंदोलन किया. जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा. हालांकि यह परेशानी ज्यादा समय तक नहीं रही. रघुनाथपाली विधायक दुर्गाचरण तांती ने आंदाेलनकारियों से बातचीत कर उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का वादा किया. जिसके बाद सुबह नौ बजे के बाद से सड़क पर आमो बस रोजाना की भांति पुन:दौड़ने लगीं. आमो बस के कर्मचारियों का कहना है कि बस का संचालन तो क्रूट करती है, लेकिन उन लोगों को एजेंसी के माध्यम से नियुक्ति दी गयी है. उन्हें समय पर वेतन नहीं मिलता है, न ही पीएफ, इएसआइ की भांति सामाजिक सुरक्षा मिलती है.

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